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Hindi News ›   Punjab ›   New SIT sought permission from court to conduct narco and brain mapping test of accused of Kotkapura Firing Case 

कोटकपूरा गोलीकांड: आरोपियों के नारको और ब्रेन मैपिंग टेस्ट करवाएगी नई एसआईटी, कोर्ट से मांगी इजाजत

Sat, 12 Jun 2021 01:11 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 12 Jun 2021 01:11 PM IST
सार

एसआईटी ने आरोपी पुलिस अधिकारियों पर जांच में सहयोग ना करने के आरोप लगाए हैं। एसआईटी के आवेदन पर अदालत ने आरोपी पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। 
 

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New SIT sought permission from court to conduct narco and brain mapping test of accused of Kotkapura Firing Case 
पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी व परमराज उमरानंगल। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

फरीदकोट के बरगाड़ी बेअदबी मामले से जुड़े कोटकपूरा गोलीकांड की जांच कर रही पंजाब पुलिस की नवगठित एसआईटी की तरफ से घटना के तथाकथित आरोपी पुलिस अधिकारियों से पूछताछ करने का दौर जारी है।

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एसआईटी ने एक दिन पहले शुक्रवार को फरीदकोट की अदालत में आवेदन दाखिल करके केस की पड़ताल के लिए राज्य के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी, निलंबित आईजी परमराज सिंह उमरानंगल व पूर्व एसएसपी मोगा चरनजीत सिंह शर्मा का नारको, लाई डिटेक्टर और ब्रेन मेपिंग टेस्ट करवाने की इजाजत मांगी है। 
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इस आवेदन पर अदालत ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी करके जबाव तलब किया है। जानकारी के अनुसार केस की पड़ताल के दौरान एडीजीपी विजीलेंस एल के यादव की अगुवाई वाली एसआईटी ने पांच दिन पहले सोमवार को पूर्व डीजीपी सैनी समेत तीनों पुलिस अधिकारियों से चंडीगढ़ में पूछताछ की थी। एसआईटी का आरोप है कि यह पुलिस अधिकारी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और सच छिपा रहे हैं। इसके चलते इनका नार्को टेस्ट करवाए जाने की जरूरत है। इस आधार पर एसआईटी ने अदालत में आवेदन देकर इन पुलिस अधिकारियों का टेस्ट करवाने की इजाजत मांगी है। 
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कानून के मुताबिक यदि संबंधित व्यक्ति टेस्ट संबंधी अपनी सहमति नहीं देता तो उसका टेस्ट नहीं करवाया जा सकता और इसी कारण अदालत ने आवेदन पर पुलिस अधिकारियां का पक्ष जानने के लिए उन्हें नोटिस जारी किया है। इन तीनों पुलिस अधिकारियों को पहले वाली एसआईटी ने बतौर आरोपी नामजद करते हुए उनके खिलाफ अदालत में चार्जशीट भी दाखिल की थी लेकिन बाद में उच्च न्यायालय ने एसआईटी की जांच रिपोर्ट ही रद्द कर दी थी। उच्च न्यायालय के आदेश पर सरकार ने केस की पड़ताल के लिए नई एसआईटी का गठन किया है। 

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