Budget 2025: बजट से खुश लुधियाना के उद्यमी, कहा-टैक्स छूट से फायदा होगा, Toy Cluster बनाएंगे
बजट 2025 में पंजाब के किसानों और छोटे उद्यमियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने और उद्योगों को सशक्त करने के लिए उठाए गए ये कदम राज्य की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सरकार के इन फैसलों से पंजाब के किसानों और व्यवसायियों को सीधा लाभ मिलेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब के लिए बजट में बड़े एलान, किसानों और उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
केंद्रीय बजट 2025 में पंजाब के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं, जिससे राज्य के किसानों और उद्योगों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कृषि, छोटे उद्योगों और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की।
कृषि क्षेत्र को बढ़ावा: सरकार ने अगले छह वर्षों में मसूर, तुअर और अन्य दलहन फसलों की पैदावार को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना का ऐलान किया है। इस योजना के तहत किसानों को नई तकनीकों, उन्नत बीज और वित्तीय सहायता दी जाएगी। कपास की पैदावार को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने पांच साल के मिशन की घोषणा की है। इस योजना के तहत कपास किसानों को आवश्यक संसाधन और तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे देश के कपड़ा उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।
किसानों के लिए वित्तीय राहत: किसानों के लिए बड़ी राहत देते हुए सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पर कर्ज की सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है। इससे किसानों को उनकी जरूरतों के अनुसार अधिक धन-संबंधी सहायता मिलेगी और वे बेहतर कृषि संसाधनों का उपयोग कर सकेंगे।
उद्योग और स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर: सरकार ने छोटे उद्योगों के लिए विशेष क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत पहले वर्ष में 10 लाख क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे, जिससे छोटे उद्यमों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए लोन गारंटी कवर को 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके तहत 1.5 लाख करोड़ रुपये तक का कर्ज दिया जाएगा, जिससे राज्य के छोटे और मध्यम उद्योगों को आर्थिक संबल मिलेगा।
स्टार्टअप्स को भी प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने लोन की सीमा को 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये कर दिया है। इसके अलावा, गारंटी फीस में भी कटौती की गई है, जिससे नए उद्यमियों को आर्थिक सहयोग में आसानी होगी।