फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   Suspended DIG Bhullar bail plea rejected by High Court

रिश्वत मामला: निलंबित डीआईजी भुल्लर की जमानत याचिका खारिज, गवाहों को लेकर क्या बोला हाईकोर्ट?

Mon, 10 Aug 2026 09:15 PM IST
शाहिल शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: शाहिल शर्मा Updated Mon, 10 Aug 2026 09:15 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने कहा मामले में महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही अभी होनी बाकी है। पुलिस विभाग में याचिकाकर्ता के पद को देखते हुए उनके गवाहों को प्रभावित या धमकाने की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

विज्ञापन
Suspended DIG Bhullar bail plea rejected by High Court
निलंबित डीआईजी हरचरण भुल्लर की जमानत याचिका खारिज - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर उर्फ एचएस भुल्लर को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने नियमित जमानत के लिए दायर उनकी दूसरी लगातार याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन


अदालत ने कहा कि महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही अभी होनी बाकी है और पुलिस विभाग में याचिकाकर्ता के पद को देखते हुए उनके गवाहों को प्रभावित या धमकाने की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आदेश के मुताबिक एक बातचीत में भुल्लर ने कृष्णानु को शिकायतकर्ता से आठ लाख रुपये लेने के निर्देश दिए। 
विज्ञापन


इसके बाद 15 अक्तूबर 2025 को प्राथमिकी दर्ज की गई और 16 अक्तूबर को चंडीगढ़ में जाल बिछाया गया। कृष्णानु को शिकायतकर्ता से कथित तौर पर पांच लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया। इसके बाद भुल्लर को भी उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया। भुल्लर की ओर से जमानत के लिए दलील दी गई कि वह तीन दशक से अधिक समय तक सेवा कर चुके हैं और सेवानिवृत्ति के करीब हैं। जांच पूरी हो चुकी है तथा उन्हें आगे की जांच के लिए हिरासत में रखने की आवश्यकता नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि उनकी ओर से कोई बरामदगी नहीं हुई है और निलंबित होने के कारण उनके पास गवाहों को प्रभावित करने की कोई संभावना नहीं है। साथ ही सीबीआई के अधिकार क्षेत्र को भी चुनौती दी गई। सीबीआई ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि भुल्लर के खिलाफ दर्ज बातचीत, वाट्सऐप रिकॉर्ड और सत्यापन के दौरान की गई नियंत्रित कॉल से रिश्वत की मांग प्रथम दृष्टया स्थापित होती है। 


सीबीआई ने यह भी कहा कि पिछली जमानत याचिका गुण-दोष के आधार पर खारिज हुई थी। इस बार परिस्थितियों में कोई बड़ा या ठोस बदलाव नहीं हुआ है। सीबीआई के अधिकार क्षेत्र पर भुल्लर की दलील को भी हाई कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि पंजाब सरकार ने छह नवंबर 2020 को सीबीआई को दी गई सामान्य सहमति वापस ली थी, लेकिन इस मामले में भुल्लर और सह-आरोपित की गिरफ्तारी चंडीगढ़ में हुई और मामले की कार्रवाई का महत्वपूर्ण हिस्सा भी चंडीगढ़ में हुआ। अदालत ने यह भी नोट किया कि भुल्लर ने पहले इन मुद्दों को लेकर दायर रिट याचिका वापस ले ली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed