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सेलेक्ट कमेटी को भेजा बेअदबी बिल: लिए जाएंगे लोगों के सुझाव, छह माह में देनी होगी रिपोर्ट; प्रस्ताव पास

Tue, 15 Jul 2025 02:02 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 15 Jul 2025 02:02 PM IST
सार

पंजाब में पवित्र ग्रंथों के खिलाफ अपराध रोकथाम विधेयक-2025 पारित नहीं हो सका। सदन में ढाई घंटे चर्चा के दाैरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बेअदबी के मुद्दे पर काफी बहस हुई। 

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Prevention of Crimes against Holy Scriptures Bill 2025 in punjab assembly today all update
विधानसभा में बोलते सीएम भगवंत मान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब में पवित्र ग्रंथों के खिलाफ अपराध रोकथाम विधेयक-2025 पर मंगलवार को सदन में ढाई घंटे तक चर्चा चली। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बेअदबी के मुद्दे पर जमकर गहमागहमी रही। इसके बावजूद विशेष सत्र की कार्रवाई में लाया गया विधेयक पारित नहीं हो सका।
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सीएम मान और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा की सहमति के बाद स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने विधेयक में सभी धर्मों के नुमाइंदों की सलाह, जनता की राय, नए नियम व कानून शामिल करने और जरूरी संशोधन शामिल करने के लिए विधेयक को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजकर 6 महीने में इसका फाइनल ड्राफ्ट पेश करने को लेकर प्रस्ताव पारित किया। अब स्पीकर विधेयक में जरूरी संशोधन के लिए सेलेक्ट कमेटी का गठन करेंगे जिसमें राजनीतिक पार्टियों के नुमाइंदों के अलावा सभी धर्मों के विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा। 6 महीने से पहले इस पर दोबारा विधानसभा में फाइनल ड्राफ्ट लाया जाएगा।
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चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस विधेयक के तहत श्री गुरु ग्रंथ साहिब, भगवद गीता, बाइबिल, कुरान शरीफ और अन्य पवित्र ग्रंथों की बेअदबी करने वालों को उम्रकैद तक की सजा दी जा सकेगी। इसे सेलेक्ट कमेटी को भेजा जा रहा है ताकि यह और अधिक प्रभावी बन सके। उन्होंने अफसोस व्यक्त किया कि बेअदबी की घटनाएं भले 2016 की हों, लेकिन आज तक दोषियों को उनके पापों की सजा नहीं मिली है।

 

30 दिन में पूरी हो जांच: बाजवा

विधेेयक पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि बेअदबी के मामलों की जांच 30 दिनों की सख्त समय सीमा के भीतर पूरी की जानी चाहिए। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि यदि अतिरिक्त समय की आवश्यकता है, तो एसएसपी की मंजूरी 15 दिनों तक के विस्तार के लिए अनिवार्य होनी चाहिए। इससे आगे किसी भी विस्तार के लिए डीजीपी से अनुमति की आवश्यकता होनी चाहिए। बहबल कलां में पुलिस गोलीबारी में दो सिख व्यक्तियों की मौत पर बोलते हुए, बाजवा ने सरकार पर अपने वादों से विश्वासघात करने का आरोप लगाया। बाजवा ने कहा कि आप ने सत्ता में आने के 24 घंटे के भीतर एसआईटी रिपोर्ट पर कार्रवाई करने का वादा किया था, जिसमें आप विधायक और पूर्व डीआईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, लेकिन अब वह उस वादे से मुकर गई है।

नकोदर कांड की दूसरी रिपोर्ट ढूंढने के लिए बनेगी कमेटी: संधवां

विधेयक पर चर्चा के दौरान वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 1986 की पीड़ादायक घटनाओं की ओर आकर्षित करते हुए जस्टिस गुरनाम सिंह कमीशन की रिपोर्ट का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि इस रिपोर्ट की एक प्रति विधानसभा में मौजूद है, किंतु कार्रवाई रिपोर्ट रहस्यमय ढंग से लापता हो गई है। उन्होंने विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां से इस महत्वपूर्ण दस्तावेज़ को खोजने हेतु एक कमेटी गठित करने की अपील की, जिस पर विधानसभा स्पीकर ने नकोदर कांड की दूसरी रिपोर्ट का पता लगाने के लिए कमेटी के गठन की घोषणा की। चीमा ने विशेष रूप से 2 फरवरी 1986 की दुखद घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि जब शिरोमणि अकाली दल के शासनकाल के दौरान गुरुद्वारा साहिब गुरु अर्जुन देव जी, नकोदर में पांच पवित्र बीड़ें जला दी गईं।





पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र शुरू होने के समय आम आदमी पार्टी के निलंबित पूर्व विधायक अमरजीत सिंह संदोआ अपने समर्थकों के साथ परिसर के बाहर प्रदर्शन करने लगे। पूर्व विधायक अमरजीत सिंह संदोआ को हाल ही में पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया था। उन्होंने खुलकर पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आज उन्होंने आप के रोपड़ से विधायक दिनेश चड्ढा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।



करीब एक दर्जन युवक, जिनमें से अधिकतर संदोआ समर्थक बताए जा रहे हैं, दिनेश चड्ढा मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए विधानसभा के बाहर पहुंच गए। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हालात संभाले और प्रदर्शनकारियों को विधानसभा परिसर से बाहर निकाला।

विधानसभा में नशे के खिलाफ खुली बहस

कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कांग्रेस के तीन साल में अपनी सरकार के कार्यकाल में नशा तस्करों के खिलाफ किए गए काम की तुलना की। साथ ही विपक्ष के नेता प्रताप बाजवा से कहा कि आप ने चंडीगढ़ में हमारे खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। ऐसे 36 केस दर्ज करवा लो। हम डरने वाले नहीं है। इसके साथ ही वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी मोर्चा संभाला। उन्होंने कहा कि बाजवा ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट डाला है, जिसमें उन्होंने खास तौर पर बिक्रम मजीठिया का नाम लिखकर उन पर कार्रवाई का विरोध जताया है। चीमा ने कहा कि मजीठिया के बारे में जो लिखा, आपको इस पर माफी मांगनी पड़ेगी। इसे लेकर चीमा व बाजवा के बीच बहस भी हुई।

बाजवा बोले, मैंने मजीठिया का साथ नहीं दिया, तोड़ मरोड़ के पेश की वीडियो 

बाजवा ने इन आरोपों पर कहा कि मैंने मजीठिया का साथ नहीं दिया है। मेरी वीडियों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया, जिसकी शिकायत मैंने चंडीगढ़ पुलिस को दी थी। मैंने सिर्फ एक विधायक साथी गनीव कौर के घर पर जिस तरह विजिलेंस ने कार्रवाई की थी, उस पर सवाल उठाए थे। बाजवा ने कहा कि मजीठिया के खिलाफ मैंने सीबीआई जांच की मांग की थी और उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर बयान पर आज भी कायम हूं।

उन्होंने कहा कि आप सरकार ने एनडीपीएस केस को ही आगे बढ़ाती तो अच्छा होता। अब आय से अधिक संपत्ति का केस बना दिया है, लेकिन इससे केस कमजोर हो सकता है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान का असर नहीं दिख रहा है। आज ड्रग्स तस्कर, पुलिस और गैंगस्टर के गठजोड़ को खत्म करने की जरुरत है।

सौंद बोले, 4500 गांवों नशा मुक्त कर दिए, कांग्रेस ने मांगी सूची 

मंत्री तरुणप्रीत सौंद ने कहा कि आप सरकार ने सात हजार में से 4500 गांवों को नशा मुक्त कर दिया है। इस पर कांग्रेस ने गांवों की सूची मांगी तो हंगामा हो गया। आप विधायकों ने कहा कि अगर सरकार नशा मुक्त कर रही है तो कांग्रेसी विधायकों को इस पर हैरानी क्यों है, जबकि कांग्रेस विधायकों ने कहा कि इसकी एक सूची उनको सौंपी जानी चाहिए।

खैरा व चीमा के बीच तीखी बहस

वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने सदन में सुखपाल खैरा पर आरोप लगाया कि वर्ष 2015 में वह तस्करों से बात करते थे। उनका नाम सामने आया था। इस पर खैरा ने एतराज जताया, जिसके बाद चीमा व खैरा के बीच तीखी बहस हुई। उन्होंने कहा कि दूसरी एजेंसियां भी इससे जुड़े की मामले की जांच शुरू की। इस पर विधायक खैरा ने कहा कि मेरे खिलाफ कुछ नहीं था। सुप्रीम कोर्ट ने मुझे बेगुनाह करार दिया था।

गाली निकालने पर सदन में हंगामा

विशेष सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक की ओर से गाली निकालने पर सदन में जमकर हंगामा हुआ। आप के लुधियाना से विधायक मनविंदर ग्यासपुरा ने जालंधर नॉर्थ से कांग्रेस विधायक बावा हैनरी उर्फ अवतार हैनरी जूनियर के परिवार पर नशा बेचने के आरोप लगाए। इस पर विधायक बावा हैनरी गुस्से में आ गए और उन्होंने ग्यासपुरा के लिए अपशब्द कह दिया। इतना सुनते ही सदन में हंगामा मच गया।

डिप्टी स्पीकर जयकिशन रोड़ी ने कांग्रेस विधायक के अपशब्द किए जाने के मामले में संज्ञान लिया। थोड़ी देर तक हंगामा चलने के बाद स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने जब सदन की कार्रवाई संभाली तो उन्होंने मामला उठाया, यहां तक की सदन के रिकॉर्ड तक की जांच की गई। स्पीकर संधवां ने कहा कि रिकॉर्ड में अपशब्द सामने आए हैं। इस पर सीएम भगवंत सिंह मान ने मामला संभालते हुए कहा कि कांग्रेस विधायक माफी मांग लें और मामला यही शांत कर दिया जाए। इस पर कांग्रेस विधायक की ओर से नेता प्रतिपक्ष ने माफी मांगकर मामला शांत कराया।
 
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