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द किंलिग कॉल: मूसेवाला डॉक्यूमेंट्री मामला... मानसा कोर्ट में पेश हुए बीबीसी के वकील, 21 अगस्त को अगली सुनवाई
Mon, 21 Jul 2025 10:23 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, मानसा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, मानसा (पंजाब)
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Mon, 21 Jul 2025 10:23 PM IST
सार
पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की डॉक्यूमेंट्री द किंलिग कॉल मामले में मंगलवार को मानसा कोर्ट में बीबीसी के वकील पेश हुए, लेकिन दूसरे ग्रुप की तरफ से कोई पेश न होने पर सुनवाई के लिए अगली तारीख दी गई है।
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सिद्धू मूसेवाला
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पंजाब के दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला के जीवन पर अधारित डॉक्यूमेंट्री द किंलिग कॉल मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई। हालांकि अदालत ने मामले की अगली सुनवाई अब 21 अगस्त की तारीख तय की है। बीबीसी द्वारा सीनियर वकील बलवंत भाटिया, ऐंकर इशलीन कौर व अंकुर जैन द्वारा एडवोकेट गुरदास सिंह मान पेश हुए।
जिक्रयोग्य है कि पिछली पेशीपर बीबीसी गुट ने मुख्य दावे का जवाब व अंतरिम रोक के लिए लगाई दरखास्त का जवाब अदालत में दाखिल कर दिया था, जबकि इस गुट द्वारा जवाब से पहले केस को रद्द करने के लिए सीपीसी आर्डर-07 रूल 11 अधीन एक दरखास्त दायर की थी, जिसका जवाब मुदई गुट ने देना था, लेकिन मुदई गुट कभी एक बहाने व कभी अन्य बहाने जवाब देने से टाल मटोल कर रहा है।
बीबीसी के वकील बलवंत भाटिया व एंकर इशलीन कौर व अंकुर जैन द्वारा एडवोकेट गुरदास सिंह मान ने सवाल खड़ा किया है कि फौरी तौर पर रोक लगाने का मामला मुदई गुट के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। मुदई गुट ही मामले को लटकाने पर तुला हो तो यह साफ हो जाता हे कि मुदई गुट विरोधी गुट को हैरान परेशान करने के बिना और कुछ नहीं कर रहा। उन्होंने दावा किया कि अगर अगली तारीख पर जवाब दाखिल न हुआ तो वह अदालत को मामला रद्द करने के लिए दरखास्त करेंगे।
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जिक्रयोग्य है कि पिछली पेशीपर बीबीसी गुट ने मुख्य दावे का जवाब व अंतरिम रोक के लिए लगाई दरखास्त का जवाब अदालत में दाखिल कर दिया था, जबकि इस गुट द्वारा जवाब से पहले केस को रद्द करने के लिए सीपीसी आर्डर-07 रूल 11 अधीन एक दरखास्त दायर की थी, जिसका जवाब मुदई गुट ने देना था, लेकिन मुदई गुट कभी एक बहाने व कभी अन्य बहाने जवाब देने से टाल मटोल कर रहा है।
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बीबीसी के वकील बलवंत भाटिया व एंकर इशलीन कौर व अंकुर जैन द्वारा एडवोकेट गुरदास सिंह मान ने सवाल खड़ा किया है कि फौरी तौर पर रोक लगाने का मामला मुदई गुट के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। मुदई गुट ही मामले को लटकाने पर तुला हो तो यह साफ हो जाता हे कि मुदई गुट विरोधी गुट को हैरान परेशान करने के बिना और कुछ नहीं कर रहा। उन्होंने दावा किया कि अगर अगली तारीख पर जवाब दाखिल न हुआ तो वह अदालत को मामला रद्द करने के लिए दरखास्त करेंगे।
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