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पंजाब में खनन: ढाई साल में बॉर्डर एरिया में 90 एफआईआर हुई, सियासी घमासान के बीच सरकार का जवाब
Fri, 12 Sep 2025 09:02 AM IST
निवेदिता वर्मा
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 12 Sep 2025 09:02 AM IST
सार
बाढ़ ने सबसे अधिक तबाही गुरदासपुर और पठानकोट में मचाई है। बाढ़ के कारण गुरदासपुर में कृषि क्षेत्र काफी प्रभावित हुआ है, वहीं पठानकोट में जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। इन जिलों में अब तक सरकार की तरफ से अवैध खनन को लेकर सख्त कार्रवाई की गई है।
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खनन
- फोटो : अमर उजाला/फाइल
विस्तार
पंजाब में खनन को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच राज्य सरकार ने बॉर्डर एरिया में पिछले ढाई साल की एक्शन रिपोर्ट पेश की है। बॉर्डर एरिया में अवैध खनन पर दबिश देते हुए 90 एफआईआर दर्ज की गईं। 430 वाहनों को जब्त किया गया और 5.88 करोड़ रुपये हर्जाना भी ठोका गया।
क्रशर पॉलिसी 2023 की पालना न करने के चलते 9 क्रशर यूनिट्स का पंजीकरण रद्द भी किया गया है। प्रदेश में बाढ़ प्रभावित एरिया का दौरा करने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में अवैध खनन को बाढ़ का कारण बताया था। अब पंजाब सरकार ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में बॉर्डर एरिया में की गई कार्रवाई को लेकर अपनी रिपोर्ट पेश की है जिसमें इसका खुलासा हुआ है।
बाढ़ ने सबसे अधिक तबाही गुरदासपुर और पठानकोट में मचाई है। बाढ़ के कारण गुरदासपुर में कृषि क्षेत्र काफी प्रभावित हुआ है, वहीं पठानकोट में जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। इन जिलों में अब तक सरकार की तरफ से अवैध खनन को लेकर सख्त कार्रवाई की गई है। बाढ़ के कारण गुरदासपुर में 329 गांव प्रभावित हुए हैं और 2 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 40,169 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूब गई है। इसी तरह पठानकोट में 88 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और छह लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा 15,503 लोग बाढ़ के कारण प्रभावित हुए हैं।
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क्रशर पॉलिसी 2023 की पालना न करने के चलते 9 क्रशर यूनिट्स का पंजीकरण रद्द भी किया गया है। प्रदेश में बाढ़ प्रभावित एरिया का दौरा करने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में अवैध खनन को बाढ़ का कारण बताया था। अब पंजाब सरकार ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में बॉर्डर एरिया में की गई कार्रवाई को लेकर अपनी रिपोर्ट पेश की है जिसमें इसका खुलासा हुआ है।
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बाढ़ ने सबसे अधिक तबाही गुरदासपुर और पठानकोट में मचाई है। बाढ़ के कारण गुरदासपुर में कृषि क्षेत्र काफी प्रभावित हुआ है, वहीं पठानकोट में जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। इन जिलों में अब तक सरकार की तरफ से अवैध खनन को लेकर सख्त कार्रवाई की गई है। बाढ़ के कारण गुरदासपुर में 329 गांव प्रभावित हुए हैं और 2 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 40,169 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूब गई है। इसी तरह पठानकोट में 88 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और छह लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा 15,503 लोग बाढ़ के कारण प्रभावित हुए हैं।
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