{"_id":"6ab4af087350960d5707c8bf","slug":"freebies-in-punjab-assembly-election-weigh-heavily-on-economy-but-prove-effective-2026-09-24","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पंजाब में मुफ्त गारंटियों पर दांव: लोकलुभावन घोषणाएं बनती है मुद्दा, अर्थव्यवस्था पर भारी पर रहती हैं असरदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब में मुफ्त गारंटियों पर दांव: लोकलुभावन घोषणाएं बनती है मुद्दा, अर्थव्यवस्था पर भारी पर रहती हैं असरदार
Thu, 24 Sep 2026 10:35 AM IST
Nivedita
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Thu, 24 Sep 2026 10:35 AM IST
सार
मुफ्त गारंटियों और सुविधाओं के वादे नए नहीं है। पंजाब में पिछले चार चुनावों में सभी प्रमुख दलों ने इस तरह के वादे किए और उन्हें इसका लाभ भी मिला।
विज्ञापन
पंजाब में मुफ्त गारंटियों का दांव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब में सियासी दलों की ओर से मुफ्त गारंटियों पर फिर दांव खेलने की तैयारी है। सूबे की सियासत में ये मुफ्त सुविधाएं अब महज लोकलुभावन घोषणाएं ही नहीं रहीं, बल्कि मतदाताओं तक असरदार पहुंच का एक बड़ा माध्यम बन चुकी हैं।
सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की सरकार जहां इसे अपनी सियासी ताकत का एक बड़ा आधार मानती है वहीं सत्ता परिवर्तन के बाद पार्टी इन सबके बंद होने का डर भी दिखा रही है।
अपने लोक मिलनी कार्यक्रमों के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान अब खुलेआम इस तरह की आशंका मतदाताओं के समक्ष जता रहे हैं।
विज्ञापन
साल 2022 में पहली बार पंजाब की सत्ता पर काबिज हुई आम आदमी पार्टी की सरकार को तो इसका बंपर फायदा मिला था। लिहाजा, इस बार भी आप इस पर बड़ा दांव खेलने जा रही है। ऐसे में दूसरे दल भी विभिन्न वर्ग के मतदाताओं को साधने के लिए इस तरह की मुफ्त गारंटियों का सहारा लेने की तैयारी में हैं।
उधर, राजनीतिक मामलों के जानकार मलकीत सिंह कहते हैं कि चुनावी चौसर पर इन मुफ्त गारंटियों के बूते मिली जीत सूबे की अर्थव्यवस्था को बहुत प्रभावित करती है। मुफ्त बंट रहे राजस्व के कारण राज्यों का राजकोषीय घाटा बढ़ता है। सड़कों, अस्पतालों, स्कूलों व नए रोजगार सृजन जैसे बुनियादी ढांचागत निवेश के लिए बजट की भारी कमी होती है।
विज्ञापन
सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की सरकार जहां इसे अपनी सियासी ताकत का एक बड़ा आधार मानती है वहीं सत्ता परिवर्तन के बाद पार्टी इन सबके बंद होने का डर भी दिखा रही है।
विज्ञापन
अपने लोक मिलनी कार्यक्रमों के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान अब खुलेआम इस तरह की आशंका मतदाताओं के समक्ष जता रहे हैं।
पुराना है सियासी दांव
मुफ्त गारंटियों व सुविधाओं की बात करें तो यह सियासी दांव नया नहीं है। पंजाब में पिछले चार चुनावों का ट्रेंड देखें तो इस तरह की लोकलुभावन घोषणाएं पहले की जाती रही हैं। सभी प्रमुख दलों ने अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार इस तरह के वादे किए और उन्हें इसका लाभ भी मिला।
विज्ञापन
साल 2022 में पहली बार पंजाब की सत्ता पर काबिज हुई आम आदमी पार्टी की सरकार को तो इसका बंपर फायदा मिला था। लिहाजा, इस बार भी आप इस पर बड़ा दांव खेलने जा रही है। ऐसे में दूसरे दल भी विभिन्न वर्ग के मतदाताओं को साधने के लिए इस तरह की मुफ्त गारंटियों का सहारा लेने की तैयारी में हैं।
उधर, राजनीतिक मामलों के जानकार मलकीत सिंह कहते हैं कि चुनावी चौसर पर इन मुफ्त गारंटियों के बूते मिली जीत सूबे की अर्थव्यवस्था को बहुत प्रभावित करती है। मुफ्त बंट रहे राजस्व के कारण राज्यों का राजकोषीय घाटा बढ़ता है। सड़कों, अस्पतालों, स्कूलों व नए रोजगार सृजन जैसे बुनियादी ढांचागत निवेश के लिए बजट की भारी कमी होती है।
सीएम की चेतावनी
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने चेतावनी देते हुए कहा कि पारंपरिक विरोधी पार्टियों की सत्ता में वापसी से पंजाब की कल्याणकारी योजनाएं खतरे में पड़ जाएंगी। मान ने कहा कि विरोधी धड़े यदि सत्ता में आ गए तो मुफ्त बिजली व महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजनाएं और 1000-1500 रुपये की सम्मान राशि बंद कर देंगे। साथ ही, निजी संस्थानों को बढ़ावा देने के लिए मोहल्ला क्लीनिकों और सरकारी स्कूलों को कमजोर किया जाएगा। लोक मिलनी कार्यक्रमों में इस तरह की आशंका जताते हुए सीएम दोबारा आप को मौका देने की अपील कर रहे हैं।
- 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली, दो माह में 600 यूनिट तक बिलिंग चक्र में शून्य बिल की व्यवस्था है।
- महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त सफर।
- मावां-धीयां सत्कार योजना : महिलाओं को हर महीने 1000 व एससी महिलाओं को 1500 रुपये आर्थिक राशि मिलती है।
- मुख्यमंत्री सेहत योजना : हर परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा।
आम आदमी क्लीनिक : क्लीनिकों में प्राथमिक इलाज, दवाओं और निर्धारित जांचें मुफ्त उपलब्ध कराई जाती हैं।
- मेरी रसोई राशन किट : करीब 40 लाख परिवारों को तिमाही मुफ्त किट में चीनी, चना दाल, सरसों तेल, हल्दी और नमक देने की योजना।
- सरकारी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा और किसानों के लिए मुफ्त बिजली। किशोरियों के लिए मुफ्त सैनिटरी पैड।
साल 2017 : कांग्रेस सरकार
- किसानों के लिए मुफ्त बिजली और कर्ज माफी योजना।
- अप्रैल 2021 से महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त सफर।
- सरकारी स्कूलों की छात्राओं को मुफ्त साइकिल सुविधा।
- आटा-दाल योजना में सब्सिडी वाला राशन। सामाजिक सुरक्षा पेंशन 2021 में 750 से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह की गई।
- आशीर्वाद योजना : आर्थिक रूप से कमजोर-एससी परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए सहायता राशि साल 2021 में 21 से बढ़ाकर 51 हजार की गई।
साल 2007-2017 : शिअद-भाजपा गठबंधन सरकार
- आटा-दाल योजना, 2016-17 तक करीब 36.35 लाख परिवार योजना के दायरे में थे।
- किसानों को मुफ्त बिजली, एससी, बीसी व बीपीएल परिवारों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली।
- माई भागो विद्या योजना : सरकारी स्कूलों की छात्राओं को स्कूल आने-जाने के लिए मुफ्त साइकिलें दी जाती थीं।
- मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा : साल 2016 से विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए चयनित श्रद्धालुओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाती थी।
- शगुन योजना : गरीब व एससी परिवारों की बेटियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता योजना।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने चेतावनी देते हुए कहा कि पारंपरिक विरोधी पार्टियों की सत्ता में वापसी से पंजाब की कल्याणकारी योजनाएं खतरे में पड़ जाएंगी। मान ने कहा कि विरोधी धड़े यदि सत्ता में आ गए तो मुफ्त बिजली व महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजनाएं और 1000-1500 रुपये की सम्मान राशि बंद कर देंगे। साथ ही, निजी संस्थानों को बढ़ावा देने के लिए मोहल्ला क्लीनिकों और सरकारी स्कूलों को कमजोर किया जाएगा। लोक मिलनी कार्यक्रमों में इस तरह की आशंका जताते हुए सीएम दोबारा आप को मौका देने की अपील कर रहे हैं।
गेमचेंजर बनीं इन घोषणाओं से पलटे समीकरण
साल 2022 : आप सरकार- 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली, दो माह में 600 यूनिट तक बिलिंग चक्र में शून्य बिल की व्यवस्था है।
- महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त सफर।
- मावां-धीयां सत्कार योजना : महिलाओं को हर महीने 1000 व एससी महिलाओं को 1500 रुपये आर्थिक राशि मिलती है।
- मुख्यमंत्री सेहत योजना : हर परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा।
आम आदमी क्लीनिक : क्लीनिकों में प्राथमिक इलाज, दवाओं और निर्धारित जांचें मुफ्त उपलब्ध कराई जाती हैं।
- मेरी रसोई राशन किट : करीब 40 लाख परिवारों को तिमाही मुफ्त किट में चीनी, चना दाल, सरसों तेल, हल्दी और नमक देने की योजना।
- सरकारी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा और किसानों के लिए मुफ्त बिजली। किशोरियों के लिए मुफ्त सैनिटरी पैड।
साल 2017 : कांग्रेस सरकार
- किसानों के लिए मुफ्त बिजली और कर्ज माफी योजना।
- अप्रैल 2021 से महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त सफर।
- सरकारी स्कूलों की छात्राओं को मुफ्त साइकिल सुविधा।
- आटा-दाल योजना में सब्सिडी वाला राशन। सामाजिक सुरक्षा पेंशन 2021 में 750 से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह की गई।
- आशीर्वाद योजना : आर्थिक रूप से कमजोर-एससी परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए सहायता राशि साल 2021 में 21 से बढ़ाकर 51 हजार की गई।
साल 2007-2017 : शिअद-भाजपा गठबंधन सरकार
- आटा-दाल योजना, 2016-17 तक करीब 36.35 लाख परिवार योजना के दायरे में थे।
- किसानों को मुफ्त बिजली, एससी, बीसी व बीपीएल परिवारों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली।
- माई भागो विद्या योजना : सरकारी स्कूलों की छात्राओं को स्कूल आने-जाने के लिए मुफ्त साइकिलें दी जाती थीं।
- मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा : साल 2016 से विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए चयनित श्रद्धालुओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाती थी।
- शगुन योजना : गरीब व एससी परिवारों की बेटियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता योजना।