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झोटा हत्याकांड: पीड़ित पिता भीम सिंह का छलका दर्द, बोले- नशे के खिलाफ अब मेरी बहू और बेटी लड़ेगी लड़ाई
Mon, 19 Oct 2026 08:24 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी,
संवाद न्यूज एजेंसी,
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Mon, 19 Oct 2026 08:24 PM IST
सार
झोटा के पिता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। वहीं, परविंदर की पत्नी ने अपने दोनों बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जताई।
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परविंदर झोटा के पिता का छलका दर्द
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
नशों के खिलाफ मुहिम चलाने वाले परविंदर सिंह ‘झोटा’ की हत्या के बाद, उनके पिता भीम सिंह फौजी ने न्याय की लड़ाई के बीच कहा कि उनके बेटे द्वारा शुरू की गई नशों के खिलाफ जंग को रुकने नहीं दिया जाएगा। भावुक होते हुए उन्होंने कहा, “मेरी बेटी—मेरी बहू अब मेरे बेटे परविंदर सिंह ‘झोटा’ की जगह लेंगी और नशों के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाएंगी।” उन्होंने कहा कि यह मुहिम पूरे पंजाब में जारी रहेगी।
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आज एक्शन कमेटी ने वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ एक बैठक की, जिसमें गृह सचिव अपनीत रियात, पुलिस कमिश्नर कंवलप्रीत कौर बराड़, डीआईजी हरजीत सिंह, मानसा की डिप्टी कमिश्नर नवजोत कौर, मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी और अन्य अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान, परिवार और एक्शन कमेटी ने नशों की बिक्री, पुलिस की कार्यप्रणाली और न्याय मिलने को लेकर चिंताएं जताईं।
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झोटा के पिता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
बैठक के दौरान, गृह सचिव अपनीत रियात ने परविंदर सिंह ‘झोटा’ के बलिदान को शहादत के रूप में मान्यता दी। एक मौके पर, जब पुलिस की ‘मुस्तैदी’ (कार्यकुशलता) का जिक्र आया, तो ‘झोटा’ के पिता भीम सिंह ‘फौजी’ ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “यह पुलिस की मुस्तैदी नहीं, बल्कि घोर लापरवाही है।” उन्होंने सवाल किया कि अगर पुलिस वाकई इतनी मुस्तैद थी, तो वे उनके बेटे की जान क्यों नहीं बचा सके?
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झोटा की पत्नी का भी छलका दर्द
मनप्रीत कौर अपने दो मासूम बच्चों के भविष्य के बारे में बात करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, "हम किस दौर से गुजर रहे हैं, यह सिर्फ हम ही जानते हैं। अब हमारे दो मासूम बच्चों का क्या होगा?"
उन्होंने आगे बताया कि परविंदर सिंह झोटा ने पंजाब के युवाओं को नशे से बचाने के लिए आवाज़ उठाई थी। परिवार ने अपना दुख जताते हुए कहा कि घटना के सात दिन बीत जाने के बाद भी पंजाब सरकार पर इसका कोई असर होता नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ आश्वासन देने से परिवार को न्याय नहीं मिलेगा; इसके लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
भीम सिंह फौजी ने कहा कि भले ही उनका बेटा अब शारीरिक रूप से उनके बीच नहीं है, लेकिन उनकी बहू मनप्रीत कौर उस लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए आगे आएंगी, जिसकी शुरुआत उनके बेटे ने की थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब के युवाओं को बचाने के लिए नशे के खिलाफ यह संघर्ष जारी रहेगा।
मनप्रीत कौर अपने दो मासूम बच्चों के भविष्य के बारे में बात करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, "हम किस दौर से गुजर रहे हैं, यह सिर्फ हम ही जानते हैं। अब हमारे दो मासूम बच्चों का क्या होगा?"
उन्होंने आगे बताया कि परविंदर सिंह झोटा ने पंजाब के युवाओं को नशे से बचाने के लिए आवाज़ उठाई थी। परिवार ने अपना दुख जताते हुए कहा कि घटना के सात दिन बीत जाने के बाद भी पंजाब सरकार पर इसका कोई असर होता नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ आश्वासन देने से परिवार को न्याय नहीं मिलेगा; इसके लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
भीम सिंह फौजी ने कहा कि भले ही उनका बेटा अब शारीरिक रूप से उनके बीच नहीं है, लेकिन उनकी बहू मनप्रीत कौर उस लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए आगे आएंगी, जिसकी शुरुआत उनके बेटे ने की थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब के युवाओं को बचाने के लिए नशे के खिलाफ यह संघर्ष जारी रहेगा।