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सीड पंजाब संशोधन बिल-2025: संशोधन के खिलाफ पंजाब के डीलर लामबंद, मंत्री से मिले एग्रो इनपुट डीलर
Sat, 02 Aug 2025 09:25 AM IST
निवेदिता वर्मा
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 02 Aug 2025 09:25 AM IST
सार
पिछले दिनों कैबिनेट ने सूबे में नकली बीजों की बिक्री को गैर जमानती अपराध की श्रेणी में लाते हुए सीड (पंजाब संशोधन) विधेयक-2025 को विधानसभा में पेश करने का निर्णय लिया था।
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खेतीबाड़ी मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां को सुझाव पत्र साैंपते एग्रो इनपुट डीलर एसोसिएशन के सदस्य
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब में नकली बीजों की बिक्री को गैर जमानती अपराध की श्रेणी में लाते हुए सख्ती बढ़ाने से संबंधित सीड (पंजाब संशोधन) बिल-2025 के खिलाफ पंजाब के एग्रो इनपुट डीलर लामबंद हो गए हैं।
सरकार की ओर से तैयार किए गए इस बिल का ड्राफ्ट कैबिनेट में चर्चा के बाद मंजूरी के लिए कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां के पास पहुंच गया है। उनकी मंजूरी के बाद इस बिल को विधानसभा में लाया जाएगा।
इससे पहले बिल के ड्राफ्ट में कुछ बदलाव करने के लिए इनपुट डीलरों ने जोर आजमाइश शुरू कर दी है। एग्रो इनपुट डीलर एसोसिएशन पंजाब के पदाधिकारियों ने कृषि मंत्री से मुलाकात कर उन्हें मुख्यमंत्री के नाम सुझाव पत्र सौंपा है। पिछले दिनों कैबिनेट ने सूबे में नकली बीजों की बिक्री को गैर जमानती अपराध की श्रेणी में लाते हुए सीड (पंजाब संशोधन) विधेयक-2025 को विधानसभा में पेश करने का निर्णय लिया था। एसोसिएशन के पदाधिकारियों एडवोकेट ईश्वर गर्ग टिम्पी, राज रासेवत, सुरेंद्र सिंह, काला राम, विक्की सारा, प्रदीप कुमार, लव परसीचा इत्यादि ने बताया कि कृषि मंत्री ने उनके सुझाव पूरी गंभीरता से सुने हैं। उम्मीद है कि सरकार इस ड्राफ्ट बिल में संशोधन करेगी।
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ड्राफ्ट में यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि सीड प्रोड्यूसर का मतलब प्रत्येक उस व्यक्ति से होगा जो व्यवसाय के लिए बीज का उत्पादन कर रहा है और डीलरों के माध्यम से बेच रहा है। इसी तरह डीलर का मतलब हर उस व्यक्ति से होगा जो बीज बेचने, निर्यात करने या आयात करने का व्यवसाय करता है और इसमें खुदरा विक्रेता, बीज की मार्केटिंग करने वाले, डीलर और मार्केटिंग एजेंट भी शामिल हैं।
- बीज की अच्छी गुणवत्ता उत्पादकों की जिम्मेदारी है। अधिकृत डीलर तो केवल सीलबंद पैक्ड बीज बेचते हैं। उन्हें सजा के दायरे से बाहर किया जाए।
- अपराध से जुड़ी परिस्थितियों की जांच किए बिना किसी व्यक्ति को अपराध की श्रेणी में रखना उचित नहीं है।
- इस बिल में पुलिस का हस्तक्षेप समाप्त किया जाए। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही दबाव में बीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं।
- इस मामले में जल्दबाजी के बजाय सख्ती बढ़ाने के बारे में दोबारा सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए।
पंजाब से आए इनपुट डीलरों के साथ चर्चा की है। उनके सुझावों पर गौर किया जाएगा। उन्हें आश्वस्त किया गया है कि प्रदेश में किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। सीड संशोधन बिल में सख्ती बढ़ने से किसानों को अच्छी क्वालिटी के बीज मिलेंगे और विभिन्न फसलों की पैदावार भी बढ़ेगी। - गुरमीत सिंह खुड्डियां, खेतीबाड़ी मंत्री, पंजाब
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सरकार की ओर से तैयार किए गए इस बिल का ड्राफ्ट कैबिनेट में चर्चा के बाद मंजूरी के लिए कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां के पास पहुंच गया है। उनकी मंजूरी के बाद इस बिल को विधानसभा में लाया जाएगा।
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इससे पहले बिल के ड्राफ्ट में कुछ बदलाव करने के लिए इनपुट डीलरों ने जोर आजमाइश शुरू कर दी है। एग्रो इनपुट डीलर एसोसिएशन पंजाब के पदाधिकारियों ने कृषि मंत्री से मुलाकात कर उन्हें मुख्यमंत्री के नाम सुझाव पत्र सौंपा है। पिछले दिनों कैबिनेट ने सूबे में नकली बीजों की बिक्री को गैर जमानती अपराध की श्रेणी में लाते हुए सीड (पंजाब संशोधन) विधेयक-2025 को विधानसभा में पेश करने का निर्णय लिया था। एसोसिएशन के पदाधिकारियों एडवोकेट ईश्वर गर्ग टिम्पी, राज रासेवत, सुरेंद्र सिंह, काला राम, विक्की सारा, प्रदीप कुमार, लव परसीचा इत्यादि ने बताया कि कृषि मंत्री ने उनके सुझाव पूरी गंभीरता से सुने हैं। उम्मीद है कि सरकार इस ड्राफ्ट बिल में संशोधन करेगी।
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संशोधित बिल का ड्राफ्ट
इस संशोधन बिल के अनुसार नकली बीज की बिक्री पर कंपनी व उत्पादक पर पहली बार एक से दो वर्ष सजा व पांच से 10 लाख रुपये तक जुर्माना होगा। दोबारा अपराध करने पर दो से तीन वर्ष सजा तथा 10 से 50 लाख रुपये जुर्माना होगा। डीलर या व्यक्ति को पहली बार अपराध पर छह महीने से एक वर्ष की सजा और एक से पांच लाख जुर्माना जबकि दोबारा अपराध पर एक से दो वर्ष सजा व पांच से 10 लाख रुपये जुर्माना होगा।ड्राफ्ट में यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि सीड प्रोड्यूसर का मतलब प्रत्येक उस व्यक्ति से होगा जो व्यवसाय के लिए बीज का उत्पादन कर रहा है और डीलरों के माध्यम से बेच रहा है। इसी तरह डीलर का मतलब हर उस व्यक्ति से होगा जो बीज बेचने, निर्यात करने या आयात करने का व्यवसाय करता है और इसमें खुदरा विक्रेता, बीज की मार्केटिंग करने वाले, डीलर और मार्केटिंग एजेंट भी शामिल हैं।
सरकार को दिए डीलरों के सुझाव
- बीज संशोधन बिल को गैर जमानती अपराध की श्रेणी से बाहर रखा जाए।- बीज की अच्छी गुणवत्ता उत्पादकों की जिम्मेदारी है। अधिकृत डीलर तो केवल सीलबंद पैक्ड बीज बेचते हैं। उन्हें सजा के दायरे से बाहर किया जाए।
- अपराध से जुड़ी परिस्थितियों की जांच किए बिना किसी व्यक्ति को अपराध की श्रेणी में रखना उचित नहीं है।
- इस बिल में पुलिस का हस्तक्षेप समाप्त किया जाए। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही दबाव में बीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं।
- इस मामले में जल्दबाजी के बजाय सख्ती बढ़ाने के बारे में दोबारा सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए।
पंजाब से आए इनपुट डीलरों के साथ चर्चा की है। उनके सुझावों पर गौर किया जाएगा। उन्हें आश्वस्त किया गया है कि प्रदेश में किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। सीड संशोधन बिल में सख्ती बढ़ने से किसानों को अच्छी क्वालिटी के बीज मिलेंगे और विभिन्न फसलों की पैदावार भी बढ़ेगी। - गुरमीत सिंह खुड्डियां, खेतीबाड़ी मंत्री, पंजाब