Punjab: डीआईजी भुल्लर के घर पहुंची सीबीआई और विजिलेंस ब्यूरो की टीम, भ्रष्टाचार मामले में करेगी जांच
भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार रोपड़ रेंज के डीआईजी भुल्लर के घर सीबीआई और पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की टीम जांच के लिए पहुंची है। पंजाब सरकार ने डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को 18 अक्तूबर को निलंबित किया था।
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पंजाब के रोपड़ रेंज के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के खिलाफ सीबीआई की जांच लगातार गहराती जा रही है। वीरवार को चंडीगढ़ और दिल्ली की संयुक्त सीबीआई टीम ने एक बार फिर सेक्टर-40 की कोठी नंबर 1489 पर छापा मारा। दोपहर करीब दो बजे शुरू हुई यह कार्रवाई देर रात तक चली।
सूत्रों के मुताबिक, टीम को भुल्लर के बैंक लॉकरों से मिले नए दस्तावेजों में कई फ्लैट्स के शेयर सर्टिफिकेट, प्रॉपर्टी पेपर्स और निवेश से जुड़ी जानकारियां मिली हैं। जांच टीम ने सेक्टर-9 डी के एचडीएफसी बैंक समेत तीन अन्य बैंकों के लॉकरों की जांच में सोने के साथ कई नई संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए थे। सीबीआई ने इन बरामद दस्तावेजों के आधार पर वीरवार को भुल्लर के परिवार से विस्तृत पूछताछ की।
सूत्रों के अनुसार, भुल्लर, उनकी पत्नी और बच्चों के खातों में कई प्रॉपर्टियों का किराया नियमित रूप से ट्रांसफर होता था, जिसका रिकॉर्ड भी बैंकों से हासिल किया गया है। सीबीआई अब इस आय की तुलना उनकी आधिकारिक आय से कर रही है।
सीबीआई ने गृह मंत्रालय को पहले ही पत्र भेजकर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज करने की सिफारिश की थी। इसके बाद गृह मंत्रालय ने दिल्ली से एक विशेष टीम को चंडीगढ़ भेजा है। दिल्ली टीम ने वीरवार को कोठी का मुआयना कर उसके निर्माण, इंटीरियर, महंगे फर्नीचर और लग्जरी आइटम्स का मूल्यांकन शुरू किया। सूत्रों के अनुसार, भुल्लर की कोठी पर करीब 4 से 5 करोड़ रुपये का निर्माण खर्च, जबकि अंदर मौजूद साज-सज्जा और घरेलू सामान पर करीब 3 करोड़ रुपये तक का खर्च बताया जा रहा है। टीम की वैल्यूएशन रिपोर्ट तैयार होने के बाद यह रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर जल्द आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज होगा। भुल्लर की गिरफ्तारी के समय सीबीआई ने 7.50 करोड़ रुपये नकद, 2.50 किलो सोना, रोलेक्स और रॉडो जैसी 26 लग्जरी घड़ियां बरामद की थीं। इसके अलावा करीब 50 अचल व बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले थे।
रिमांड की तैयारी में सीबीआई, नए सबूतों ने बढ़ाई मुश्किलें
सीबीआई ने 16 अक्तूबर को डीआईजी भुल्लर को 8 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए बिचौलिये कृष्णू के साथ गिरफ्तार किया था। 17 अक्तूबर को अदालत में पेशी के दौरान रिमांड नहीं मांगा गया था लेकिन अब नए दस्तावेजों और ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड के सामने आने के बाद सीबीआई फिर से कोर्ट में रिमांड की मांग करने की तैयारी में है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, न्यायिक हिरासत के दौरान भी एजेंसी कोर्ट से रिमांड ले सकती है, इस पर कोई रोक नहीं है।