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सीएम भगवंत मान के सबसे खास मंत्री : IAS बनना चाहते थे, एक आंदोलन ने बदल दी जिंदगी, अब पंजाब के मंत्रिमंडल में हुए शामिल
Sat, 19 Mar 2022 11:15 AM IST
हिमांशु मिश्रा
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Sat, 19 Mar 2022 11:15 AM IST
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गुरमीत
- फोटो :
अमर उजाला
विस्तार
भगवंत मान कैबिनेट में युवा चेहरों को ज्यादा तरजीह दी गई है। नए मंत्रिमंडल की औसत उम्र 46 साल 11 महीने है। मुख्यमंत्री समेत कुल 11 मंत्रियों में 31 साल के हरजोत सिंह भगवंत मान सबसे युवा मंत्री हैं। 32 साल के गुरमीत सिंह मीत हेयर दूसरे तो 40 साल के लालजीत सिंह भुल्लर तीसरे सबसे युवा मंत्री हैं। मंत्रिमंडल में शामिल छह मंत्रियों को उम्र पचास साल से कम है।इस बार मंत्री बने दूसरे सबसे कम उम्र के विधायक गुरमीत सिंह मीत हेयर की कहानी काफी रोचक है। गुरमीत दूसरी बार आम आदमी पार्टी से चुनकर विधानसभा पहुंचे हैं। इसके पहले 2017 के चुनाव में भी उन्होंने जीत हासिल की थी। आईएएस अफसर बनने का सपना रखने वाले गुरमीत कैसे राजनीति में आ गए? पढ़िए पूरी कहानी...
बीटेक किया, सिविल सर्विसेज की तैयारी करने लगे
गुरमीत सिंह मीत हेयर का जन्म 21 अप्रैल 1989 को बरनाला में हुआ था। पिता चमकौर सिंह और मां का नाम सरबजीत कौर है। मीत हेयर ने 10वीं तक की शिक्षा बाबा गांधा सिंह पब्लिक स्कूल बरनाला से की। 12वीं की पढ़ाई करने के लिए चंडीगढ़ चले गए। इसके बाद उन्होंने बीटेक किया। इसके बाद वह आईएएस अफसर बनने का सपना लेकर दिल्ली पहुंच गए। यहां सिविल सेवा की तैयारी करने लगे, लेकिन इसी दौरान अन्ना हजारे का आंदोलन हुआ और वह इससे जुड़ गए। यहीं से गुरमीत की जिंदगी ने नई मोड़ ले ली।
अन्ना आंदोलन में केजरीवाल से मिले, भगवंत मान के करीबी बन गए
अन्ना आंदोलन के बाद जब अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी बनाई तो मीत हेयर उससे जुड़ गए। 2016 में पार्टी ने उन्हें यूथ विंग के उप प्रधान की जिम्मेदारी दी। इसके एक साल बाद यानी 2017 में उन्हें हलका बरनाला से टिकट दिया और 27 साल की उम्र में उन्होंने कांग्रेस के कद्दावर नेता केवल सिंह ढिल्लों को हरा दिया। विपक्ष में रहते हुए गुरमीत ने कई मुद्दों को उठाया और खूब धरना प्रदर्शन किया।
2020 में पार्टी के प्रांतीय प्रधान भगवंत मान ने मीत हेयर को पंजाब यूथ विंग का प्रधान बना दिया। इस बार चुनाव में मीत हेयर ने 37 हजार 622 वोटों के बड़ी लीड से जीत हासिल की।
गुरमीत के बारे में खास जानकारियां
- गुरमीत पर सबसे ज्यादा पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- भगवंत मान के इस मंत्री के पास कुल 44 लाख रुपये की संपत्ति है।
- 2012 में इन्होंने बीटेक किया है।
- गुरमीत के नाम एक स्कॉर्पियो गाड़ी है।