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Amritsar News: खालसा कॉलेज में मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल का दूसरा दिन 1965 के युद्ध पर रहा केंद्रित
Tue, 01 Sep 2026 09:31 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
Updated Tue, 01 Sep 2026 09:31 PM IST
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हमारी वास्तविक ताकत केवल हथियारों में नहीं, बल्कि सैनिकों के हौसले और देश के प्रति अटूट विश्वास में है : ब्रिगेडियर
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। खालसा कॉलेज में दो दिवसीय मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल आयोजित हुआ। दूसरे दिन ब्रिगेडियर सतिंदर सिंह ने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर व्याख्यान दिया।
उन्होंने अमृतसर के रणनीतिक महत्व और स्थानीय लोगों की भूमिका बताई। ब्रिगेडियर सतिंदर सिंह ने कहा कि देश की ताकत सैनिकों के हौसले और लोगों की एकता में है। 6 सितंबर 1965 को भारतीय सेना ने पंजाब के रास्ते लाहौर सेक्टर में कार्रवाई की। इसका उद्देश्य पाकिस्तानी सेना को पंजाब मोर्चे पर व्यस्त रखना था। लेफ्टिनेंट जनरल टीएस शेरगिल ने असल उत्तर की लड़ाई को याद किया। 8 से 10 सितंबर के बीच हुई इस लड़ाई में पैटन टैंक नष्ट हुए। हवलदार अब्दुल हमीद को इसी युद्ध में परमवीर चक्र मिला। फेस्टिवल का उद्देश्य युवाओं को बलिदान और राष्ट्रीय एकता का अर्थ समझाना है। यह वीरों की विरासत अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है।
- फोटो - 9 से 14
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। खालसा कॉलेज में दो दिवसीय मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल आयोजित हुआ। दूसरे दिन ब्रिगेडियर सतिंदर सिंह ने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर व्याख्यान दिया।
उन्होंने अमृतसर के रणनीतिक महत्व और स्थानीय लोगों की भूमिका बताई। ब्रिगेडियर सतिंदर सिंह ने कहा कि देश की ताकत सैनिकों के हौसले और लोगों की एकता में है। 6 सितंबर 1965 को भारतीय सेना ने पंजाब के रास्ते लाहौर सेक्टर में कार्रवाई की। इसका उद्देश्य पाकिस्तानी सेना को पंजाब मोर्चे पर व्यस्त रखना था। लेफ्टिनेंट जनरल टीएस शेरगिल ने असल उत्तर की लड़ाई को याद किया। 8 से 10 सितंबर के बीच हुई इस लड़ाई में पैटन टैंक नष्ट हुए। हवलदार अब्दुल हमीद को इसी युद्ध में परमवीर चक्र मिला। फेस्टिवल का उद्देश्य युवाओं को बलिदान और राष्ट्रीय एकता का अर्थ समझाना है। यह वीरों की विरासत अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है।
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