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Punjab: पाकिस्तान से बैसाखी मनाकर लौटा श्रद्धालुओं का जत्था, 2238 सदस्यीय समूह की वाघा-अटारी सीमा से वापसी
Mon, 20 Apr 2026 07:42 AM IST
Vijay Singh Pundir
अमर उजाला नेटवर्क, अमृतसर
अमर उजाला नेटवर्क, अमृतसर
Published by: Vijay Singh Pundir
Updated Mon, 20 Apr 2026 07:42 AM IST
सार
श्रद्धालु मुख्तार सिंह और सर्बजीत सिंह ने बताया कि पाकिस्तान स्थित गुरुधामों में दर्शन कर वे खुद को धन्य महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरा प्रवास शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक रहा। जत्थे ने ननकाना साहिब, पंजा साहिब, डेरा साहिब और करतारपुर साहिब सहित कई पवित्र स्थलों पर माथा टेका।
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पाकिस्तान से लाैटे सिख श्रद्धालु
- फोटो : संवाद
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विस्तार
बैसाखी और खालसा साजना दिवस मनाने पाकिस्तान गए सिख श्रद्धालुओं का 2238 सदस्यीय जत्था रविवार को वाघा-अटारी सीमा के रास्ते सकुशल भारत लौट आया। जत्था 10 अप्रैल को ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए रवाना हुआ था। यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को जत्था छोड़कर अकेले नहीं जाने दिया।
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अमृतसर पहुंचने पर श्रद्धालुओं में खुशी और संतोष का माहौल रहा। श्रद्धालु मुख्तार सिंह और सर्बजीत सिंह ने बताया कि पाकिस्तान स्थित गुरुधामों में दर्शन कर वे खुद को धन्य महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरा प्रवास शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक रहा। जत्थे ने ननकाना साहिब, पंजा साहिब, डेरा साहिब और करतारपुर साहिब सहित कई पवित्र स्थलों पर माथा टेका। श्रद्धालुओं के अनुसार पाकिस्तान सरकार और प्रशासन की ओर से सुरक्षा, आवास, लंगर और अन्य सुविधाओं के बेहतर इंतजाम किए गए थे और किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा।
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कई बार हुई गिनती व पूछताछ
श्रद्धालुओं ने बताया कि इस बार सुरक्षा के लिहाज से पाकिस्तान पुलिस और एजेंसियां काफी सतर्क रहीं। पूरे प्रवास के दौरान जत्थे को कड़ी निगरानी में रखा गया और कई स्थानों पर बार-बार गिनती की गई। प्रत्येक श्रद्धालु से अलग-अलग पूछताछ भी की गई।
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