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टयूबवेलों की क्लोरिन मशीनें खराब, हो रही गंदे पानी की सप्लाई
Updated Sun, 25 Feb 2018 10:36 PM IST
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शहर के कई इलाकों में दूषित जलापूर्ति
ट्यूबवेलों की क्लोरीन मशीनेें खराब होने पर हो रही गंदे पानी की सप्लाई
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
शहर के कई ट्यूबवेलों की क्लोरीन मशीनें खराब हो चुकी हैं। इससे कई इलाकों में गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। गंदा पानी इस्तेमाल करने से लोगों को फैलने का डर भी है। नगर निगम को भी नहीं पता कि कितने ट्यूबवेलों की क्लोरीन मशीनें खराब हैं और कितने ट्यूबवेलों पर मशीनें काम कर रही हैं।
नगर निगम 49 ट्यूबवेलों से शहर के पचास वार्डों को पानी की सप्लाई करता है। हर ट्यूबवेल पर पानी साफ करने के लिए क्लोरीन मशीन लगी होती है। एक तरह से यह मशीन एक फिल्टर का काम करती है। इससे लोगों के घरों में गंदा पानी नहीं जाता है। इस समय कई ट्यूबवेल ऐसे हैं, जहां पर यह मशीनें खराब हैं और नगर निगम अब तक यह भी पता नहीं लगा सका है कि कितनी मशीनें खराब हैं। क्लोरीन मशीनें खराब होने से बजरी कंपनी, मामून समेत कई अन्य वार्डों में भी गंदे पानी की समस्या है।
वहीं नगर निगम के एमई सतीश सैनी से जब इस संबंधी पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कितने ट्यूबवेलों पर मशीनें खराब हैं, इसके बारे फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया ट्यूबवेलों की पाइप लाइन बदलने का काम किया जा रहा है। इसी दौरान जिस किसी ट्यूबवेल पर क्लोरीन मशीन भी खराब मिलती है तो ठीक कर दिया जा रहा है, जहां कहीं भी क्लोरिीन मशीन खराब मिलेगी, ठीक कर दिया जाएगा।
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ट्यूबवेलों की क्लोरीन मशीनेें खराब होने पर हो रही गंदे पानी की सप्लाई
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
शहर के कई ट्यूबवेलों की क्लोरीन मशीनें खराब हो चुकी हैं। इससे कई इलाकों में गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। गंदा पानी इस्तेमाल करने से लोगों को फैलने का डर भी है। नगर निगम को भी नहीं पता कि कितने ट्यूबवेलों की क्लोरीन मशीनें खराब हैं और कितने ट्यूबवेलों पर मशीनें काम कर रही हैं।
नगर निगम 49 ट्यूबवेलों से शहर के पचास वार्डों को पानी की सप्लाई करता है। हर ट्यूबवेल पर पानी साफ करने के लिए क्लोरीन मशीन लगी होती है। एक तरह से यह मशीन एक फिल्टर का काम करती है। इससे लोगों के घरों में गंदा पानी नहीं जाता है। इस समय कई ट्यूबवेल ऐसे हैं, जहां पर यह मशीनें खराब हैं और नगर निगम अब तक यह भी पता नहीं लगा सका है कि कितनी मशीनें खराब हैं। क्लोरीन मशीनें खराब होने से बजरी कंपनी, मामून समेत कई अन्य वार्डों में भी गंदे पानी की समस्या है।
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वहीं नगर निगम के एमई सतीश सैनी से जब इस संबंधी पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कितने ट्यूबवेलों पर मशीनें खराब हैं, इसके बारे फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया ट्यूबवेलों की पाइप लाइन बदलने का काम किया जा रहा है। इसी दौरान जिस किसी ट्यूबवेल पर क्लोरीन मशीन भी खराब मिलती है तो ठीक कर दिया जा रहा है, जहां कहीं भी क्लोरिीन मशीन खराब मिलेगी, ठीक कर दिया जाएगा।
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