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किसानों को मंडी में गेहूं की तुलाई समय अधिक चौकस रहना चाहिए - डा.अमरीक सिंह
Updated Tue, 24 Apr 2018 10:53 PM IST
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‘गेहूं की तौलाई के समय सतर्क रहें’
सहायक मंडीकरण अधिकारी ने किसानों के दी सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर।
मंडी में किसानों को गेहूं की तौलाई समय अधिक चौकस रहना चाहिए। अनदेखी कई बार बड़े वित्तीय नुकसान का कारण बन सकती है। यह सलाह सहायक मंडीकरण अधिकारी ने डॉ. अमरीक सिंह किसानों को दी।
डॉ. सिंह ने कहा कि किसानों को फसल की की तुलाई अपनी निगरानी में करानी चाहिए, यदि किसान को गड़बड़ी लगे कि वह अपने फसल की 10 प्रतिशत की तौलाई बिना किसी फीस के करा सकता है। उन्होंने कहा कि तौलाई मार्केट कमेटी के कर्मचारी व कृषि विभाग के मंडीकरण शाखा के कृषि विकास अधिकारी या सहायक मंडीकरण अधिकारी की उपस्थिति में होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि तौलाई अधिक निकलती है तो पल्लेदार का लाइसेंस रद्द होने के साथ जुर्माना भी हो सकता है।
उन्होंने कहा कि फसल का उचित मूल्य लेने के लिए फसल को पूरी तरह पकने पर कटाई करके मंडी में लाया जाए ताकि किसी तरह की मुश्किल से बचा जा सके। उन्होंने आढ़तियों से कहा कि गेहूं की तौलाई सही किया जाए ताकि किसान का कोई वित्तीय नुकसान न हो सके। उन्होंने कहा कि फसल की बिक्री के बाद पक्की पर्ची अर्थात जे फार्म जरूर लिया जाए, यदि आढ़ती जे फार्म देने से आनाकानी करता है या कच्ची पर्ची देता है तो किसान जिला मंडी अधिकारी को लिखित रूप में शिकायत कर सकता है।
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सहायक मंडीकरण अधिकारी ने किसानों के दी सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर।
मंडी में किसानों को गेहूं की तौलाई समय अधिक चौकस रहना चाहिए। अनदेखी कई बार बड़े वित्तीय नुकसान का कारण बन सकती है। यह सलाह सहायक मंडीकरण अधिकारी ने डॉ. अमरीक सिंह किसानों को दी।
डॉ. सिंह ने कहा कि किसानों को फसल की की तुलाई अपनी निगरानी में करानी चाहिए, यदि किसान को गड़बड़ी लगे कि वह अपने फसल की 10 प्रतिशत की तौलाई बिना किसी फीस के करा सकता है। उन्होंने कहा कि तौलाई मार्केट कमेटी के कर्मचारी व कृषि विभाग के मंडीकरण शाखा के कृषि विकास अधिकारी या सहायक मंडीकरण अधिकारी की उपस्थिति में होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि तौलाई अधिक निकलती है तो पल्लेदार का लाइसेंस रद्द होने के साथ जुर्माना भी हो सकता है।
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उन्होंने कहा कि फसल का उचित मूल्य लेने के लिए फसल को पूरी तरह पकने पर कटाई करके मंडी में लाया जाए ताकि किसी तरह की मुश्किल से बचा जा सके। उन्होंने आढ़तियों से कहा कि गेहूं की तौलाई सही किया जाए ताकि किसान का कोई वित्तीय नुकसान न हो सके। उन्होंने कहा कि फसल की बिक्री के बाद पक्की पर्ची अर्थात जे फार्म जरूर लिया जाए, यदि आढ़ती जे फार्म देने से आनाकानी करता है या कच्ची पर्ची देता है तो किसान जिला मंडी अधिकारी को लिखित रूप में शिकायत कर सकता है।
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