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ज्ञानी इक़बाल सिंह ने जांच कमेटी को डेरा साध को माफ़ी देने के सौंपे दस्तावेज
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डेरा मुखी को माफी देने वाले दस्तावेज जांच कमेटी के हवाले
श्री पटना साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह ने अपने खिलाफ जांच कर रही कमेटी को सौंपे कागज
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। तख्त श्री पटना साहिब के निवर्तमान जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह ने उनके विरुद्ध जांच कर रही सात सदस्यीय कमेटी को वर्ष 2015 में डेरा मुखी गुरमीत सिंह को माफी देने के सभी दस्तावेज सौंप दिए हैं। ज्ञानी इकबाल सिंह द्वारा लोकसभा चुनाव से पहले अकाली दल को पंथक कटघरे में खड़ा करने की कोशिशों ने शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के लिए नई चुनौती पैदा कर दी है।
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कुछ दिन पहले पांच सिंह साहिबान की बैठक में ज्ञानी इकबाल सिंह पर लगे आरोपों की जांच सात सदस्यीय कमेटी के हवाले की थी और उसे रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए थे। अब श्री अकाल तख्त साहिब सात सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट को आधार बना ज्ञानी इकबाल सिंह के विरुद्ध एक सख्त निर्णय लेने की तैयारी में जुट गया है, ताकि ज्ञानी इकबाल सिंह के आरोप-प्रत्यारोप से पहले उन्हें धार्मिक कटघरे में खड़ा कर उनकी पंथक मान्यता को और चोट पहुंचाई जा सके।
जानकारी के अनुसार ज्ञानी इकबाल सिंह को शादीशुदा होने के बावजूद धोखे से दूसरी शादी करवाने और तख्त साहिब के जत्थेदार की सेवा के दौरान आचरणहीनता के आरोपों का जवाब देने के मामले में अकाल तख्त साहिब पर तलब किए जाने की भी संभावना है। बता दें कि ज्ञानी इकबाल सिंह ने अपने पद से इस्तीफा देने के बाद खुलासा किया था कि डेरा साध द्वारा भेजे गए पत्र में माफी का कोई भी उल्लेख नहीं है। लोकसभा चुनाव के बीच पांच सिंह साहिब की एक बैठक इस मुद्दे पर होनी है। ज्ञानी इकबाल सिंह द्वारा किए गए खुलासे और सिंह साहिब की बैठक के नतीजों का प्रभाव अकाली दल की राजनीति पर पड़ेगा।
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श्री पटना साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह ने अपने खिलाफ जांच कर रही कमेटी को सौंपे कागज
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। तख्त श्री पटना साहिब के निवर्तमान जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह ने उनके विरुद्ध जांच कर रही सात सदस्यीय कमेटी को वर्ष 2015 में डेरा मुखी गुरमीत सिंह को माफी देने के सभी दस्तावेज सौंप दिए हैं। ज्ञानी इकबाल सिंह द्वारा लोकसभा चुनाव से पहले अकाली दल को पंथक कटघरे में खड़ा करने की कोशिशों ने शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के लिए नई चुनौती पैदा कर दी है।
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कुछ दिन पहले पांच सिंह साहिबान की बैठक में ज्ञानी इकबाल सिंह पर लगे आरोपों की जांच सात सदस्यीय कमेटी के हवाले की थी और उसे रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए थे। अब श्री अकाल तख्त साहिब सात सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट को आधार बना ज्ञानी इकबाल सिंह के विरुद्ध एक सख्त निर्णय लेने की तैयारी में जुट गया है, ताकि ज्ञानी इकबाल सिंह के आरोप-प्रत्यारोप से पहले उन्हें धार्मिक कटघरे में खड़ा कर उनकी पंथक मान्यता को और चोट पहुंचाई जा सके।
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जानकारी के अनुसार ज्ञानी इकबाल सिंह को शादीशुदा होने के बावजूद धोखे से दूसरी शादी करवाने और तख्त साहिब के जत्थेदार की सेवा के दौरान आचरणहीनता के आरोपों का जवाब देने के मामले में अकाल तख्त साहिब पर तलब किए जाने की भी संभावना है। बता दें कि ज्ञानी इकबाल सिंह ने अपने पद से इस्तीफा देने के बाद खुलासा किया था कि डेरा साध द्वारा भेजे गए पत्र में माफी का कोई भी उल्लेख नहीं है। लोकसभा चुनाव के बीच पांच सिंह साहिब की एक बैठक इस मुद्दे पर होनी है। ज्ञानी इकबाल सिंह द्वारा किए गए खुलासे और सिंह साहिब की बैठक के नतीजों का प्रभाव अकाली दल की राजनीति पर पड़ेगा।
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