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हिमाचल के मुख्यमंत्री ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का लिया जायजा
Updated Tue, 10 Apr 2018 10:24 PM IST
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कांगड़ा हादसे जांच करेगी उच्चस्तरीय कमेटी: ठाकुर
हिमाचल के मुख्यमंत्री ने पठानकोट स्थित अस्पताल में घायल बच्चों से मिले
पीड़ित परिवार के सदस्यों से मिलकर दुख की घड़ी को किया सांझा
जाँच करने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का किया गठन
पठानकोट।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांगड़ा हादसे की जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने का एलान किया है। पठानकोट के अमनदीप अस्पताल में दाखिल घायल बच्चों का हालचाल लेने ठाकुर ने कहा इलाज में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। उनके साथ सांसद शांता कुमार, एजूकेशन मंत्री हिमाचल प्रदेश सुरेश भारद्वाज, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर मंत्री विपिन सिंह परमार अस्पताल पहुंचे।
कांगड़ा के नूरपुर में बुए हादसे घायल हुए दस बच्चों को पठानकोट के अमनदीप अस्पताल में दाखिल कराया गया था। इनमें से 3 बच्चे मौत का ग्रास बन गए थे।
करीब आधा घंटा अस्पताल में रुके मुख्यमंत्री ठाकुर और केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने ना सिर्फ घायल बच्चों से मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना, बल्कि पीड़ित परिवार के सदस्यों के साथ भी दुख साझा किया। अस्पताल से बाहर आने पर मुख्यमंत्री ठाकुर ने कहा हिमाचल सरकार हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के पारिवारिकजनोंके दुख को अच्छी तरह से समझती है। नूरपूर की सड़कों और वहां स्थित सरकारी अस्पताल में ट्रामा सेंटर की सुविधायें न होने के सवाल में मुख्यमंत्री ने बताया कि यह मामला उनके ध्यान में आया है। संसाधनों की कमी के पीछे कारणों की सही तरीके से जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर उच्चस्तरीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। जिससे हिमाचल प्रदेश के अंतर्गत आते सभी निजी और सरकारी स्कूलों का सर्वे कर वाहन चालकों, वाहनों से लेकर अन्य महत्वपूर्ण बातों की ओर ध्यान देकर पहले से बेहतर किया जा सके, ताकि ऐसे हादसे दोबारा ना हो सकें।
उधर अस्पताल प्रशासन सात बच्चों में से नीतिश की हालत नाजुक है। जबकि बाकी छह बच्चे आईसीयू में है। सोमवार की शाम तीन बच्चों की मौत हो जाने पर उनके शव वारिसों के हवाले कर दिए गए।
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पूर्व विधायक अश्विनी शर्मा और मेयर अनिल वासुदेवा ने कहा इस दुख की घड़ी में हम सभी परिवार वालों के साथ है। हम भगवान से प्रार्थना करते है कि बच्चे जल्द से जल्द ठीक होकर अपने घर वापस जाए। इस मौके पर जिलाधीश नीलिमा कुमारी, एसएसपी विवेकशील सोनी, सिविल सर्जन डॉ. नैना, सीनियर मेडिकल आफिसर डॉ. भूपिन्द्र सिंह, नूरपूर के पूर्व विधायक अजय महाजन हाजिर थे।
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हिमाचल के मुख्यमंत्री ने पठानकोट स्थित अस्पताल में घायल बच्चों से मिले
पीड़ित परिवार के सदस्यों से मिलकर दुख की घड़ी को किया सांझा
जाँच करने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का किया गठन
पठानकोट।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांगड़ा हादसे की जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने का एलान किया है। पठानकोट के अमनदीप अस्पताल में दाखिल घायल बच्चों का हालचाल लेने ठाकुर ने कहा इलाज में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। उनके साथ सांसद शांता कुमार, एजूकेशन मंत्री हिमाचल प्रदेश सुरेश भारद्वाज, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर मंत्री विपिन सिंह परमार अस्पताल पहुंचे।
कांगड़ा के नूरपुर में बुए हादसे घायल हुए दस बच्चों को पठानकोट के अमनदीप अस्पताल में दाखिल कराया गया था। इनमें से 3 बच्चे मौत का ग्रास बन गए थे।
करीब आधा घंटा अस्पताल में रुके मुख्यमंत्री ठाकुर और केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने ना सिर्फ घायल बच्चों से मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना, बल्कि पीड़ित परिवार के सदस्यों के साथ भी दुख साझा किया। अस्पताल से बाहर आने पर मुख्यमंत्री ठाकुर ने कहा हिमाचल सरकार हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के पारिवारिकजनोंके दुख को अच्छी तरह से समझती है। नूरपूर की सड़कों और वहां स्थित सरकारी अस्पताल में ट्रामा सेंटर की सुविधायें न होने के सवाल में मुख्यमंत्री ने बताया कि यह मामला उनके ध्यान में आया है। संसाधनों की कमी के पीछे कारणों की सही तरीके से जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर उच्चस्तरीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। जिससे हिमाचल प्रदेश के अंतर्गत आते सभी निजी और सरकारी स्कूलों का सर्वे कर वाहन चालकों, वाहनों से लेकर अन्य महत्वपूर्ण बातों की ओर ध्यान देकर पहले से बेहतर किया जा सके, ताकि ऐसे हादसे दोबारा ना हो सकें।
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उधर अस्पताल प्रशासन सात बच्चों में से नीतिश की हालत नाजुक है। जबकि बाकी छह बच्चे आईसीयू में है। सोमवार की शाम तीन बच्चों की मौत हो जाने पर उनके शव वारिसों के हवाले कर दिए गए।
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पूर्व विधायक अश्विनी शर्मा और मेयर अनिल वासुदेवा ने कहा इस दुख की घड़ी में हम सभी परिवार वालों के साथ है। हम भगवान से प्रार्थना करते है कि बच्चे जल्द से जल्द ठीक होकर अपने घर वापस जाए। इस मौके पर जिलाधीश नीलिमा कुमारी, एसएसपी विवेकशील सोनी, सिविल सर्जन डॉ. नैना, सीनियर मेडिकल आफिसर डॉ. भूपिन्द्र सिंह, नूरपूर के पूर्व विधायक अजय महाजन हाजिर थे।