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ऐसा भी होता हैः भ्रष्टाचार में 6 साल कैद, डेढ़ लाख जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो/रोपड़
Updated Tue, 16 Jul 2013 01:36 PM IST
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पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन के पूर्व चेयरमैन रविंदर पाल सिंह सिद्धू उर्फ
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रवि सिद्धू को रोपड़ की अदालत ने भ्रष्टाचार के मामले में छह वर्ष की कैद
और 1.50 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
सिद्धू को रोपड़ जेल भेज दिया गया है। पीपीएससी के 2002 में चेयरमैन रहे सिद्धू को रोपड़ के अतिरिक्त सेशन जज केएस बाजवा की अदालत ने भ्रष्टाचार और सरकारी पद के दुरुपयोग करने पर दो सजाएं सुनाई है।
रिश्वत लेने के आरोप में चार वर्ष की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना व पद के दुरुपयोग में 6 वर्ष की कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना अदा न करने पर सजा 9 महीने बढ़ाने का प्रावधान है। दोनों सजाएं साथ चलेंगी।
रवि सिद्धू ने पीसीएस बनाने के लिए 24 मार्च 2002 को चंडीगढ़ के एक्साइज इंस्पेक्टर भूपजीत सिंह निवासी मोहाली से 35 लाख रुपये बतौर रिश्वत मांगे थे। इसके बाद सिद्धू ने पांच लाख रुपये 25 मार्च को बतौर एडवांस अपने घर में लिए।
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विजिलेंस विभाग के डीएसपी ने अपनी टीम के साथ सिद्धू को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था। 2002 से यह मामला रोपड़ अदालत में चल रहा था। सिद्धू खुद ही अदालत में इस मामले की पैरवी कर रहा था।
सिद्धू को रोपड़ जेल भेज दिया गया है। पीपीएससी के 2002 में चेयरमैन रहे सिद्धू को रोपड़ के अतिरिक्त सेशन जज केएस बाजवा की अदालत ने भ्रष्टाचार और सरकारी पद के दुरुपयोग करने पर दो सजाएं सुनाई है।
रिश्वत लेने के आरोप में चार वर्ष की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना व पद के दुरुपयोग में 6 वर्ष की कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना अदा न करने पर सजा 9 महीने बढ़ाने का प्रावधान है। दोनों सजाएं साथ चलेंगी।
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रवि सिद्धू ने पीसीएस बनाने के लिए 24 मार्च 2002 को चंडीगढ़ के एक्साइज इंस्पेक्टर भूपजीत सिंह निवासी मोहाली से 35 लाख रुपये बतौर रिश्वत मांगे थे। इसके बाद सिद्धू ने पांच लाख रुपये 25 मार्च को बतौर एडवांस अपने घर में लिए।
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विजिलेंस विभाग के डीएसपी ने अपनी टीम के साथ सिद्धू को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था। 2002 से यह मामला रोपड़ अदालत में चल रहा था। सिद्धू खुद ही अदालत में इस मामले की पैरवी कर रहा था।