यूपी के नये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रिश्ता आजमगढ़ से बड़ा ही गहरा रहा है। शायद बहुत कम ही लोग ये बात जानते होंगे कि इस रिश्ते की गहराई का राज क्या है? आगे की स्लाइड्स में जानिए..
इसका सबसे बड़ा कारण है कि जब-जब हिंदुत्व पर आंच आई, वह ढाल बनकर खड़ा होते रहे। यही वजह है कि जिले में उनके समर्थकों की संख्या अधिक है। उन्होंने कई बार यहां सभाएं कर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। मुख्यमंत्री बनने से पहले भी जिले में उनके आगमन की सूचना मिलते ही प्रशासन सतर्क हो जाता था।
वर्ष 2008 में तकिया क्षेत्र में उनके ऊपर हुए हमले के बाद प्रशासन की नजर उनके काफिले पर तब तक लगी रहती थी जब तक वह जिले की सीमा से बाहर न चलें आएं। कुछ पुरानी घटनाओं पर गौर करें तो वर्ष 2003 में प्रतिष्ठित शिब्ली नेशनल कालेज के होनहार छात्र अजीत राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
जीयनपुर के रहने वाले अजीय राय के परिवार का संबंध जीयनपुर क्षेत्र में स्थित नाथ संप्रदाय के मठ से था। अजीत की हत्या के बाद जब निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो समर्थन में योगी आदित्यनाथ खड़ा हुए। इससे पूर्व दीदारगंज थाना क्षेत्र के चितारामहमूदपुर गांव में हुए हिंसा की घटना के बाद आदित्यनाथ खड़े हुए, बल्कि पीड़ितों को न्याय भी दिलवाया।
योगी आदित्यनाथ के इस तेवर से विपक्षी काफी घबरा गए थे। शायद यही कारण है कि वर्ष 2008 में शहर में हिन्दू महासम्मेलन का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि योगी आदित्यनाथ ही थे।