{"_id":"5a72052a4f1c1b80268b78f1","slug":"yogi-adityanath-reached-saint-ravidas-temple-in-varanasi","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"सीएम योगी ने तोड़ा सदियों पुराना मिथक, संत रविदास मंदिर में किया यह काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम योगी ने तोड़ा सदियों पुराना मिथक, संत रविदास मंदिर में किया यह काम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 02 Feb 2018 10:22 AM IST
विज्ञापन
संत रविदास जी के जयन्ती पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व निरंजन दास
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने धर्म की नगरी काशी में चंद्रग्रहण से जुड़ा एक मिथक तोड़ दिया। सीएम योगी बुधवार को संत रविदास जयंती पर बनारस में उनकी जन्मस्थली सीर गोवर्धन पहुंचे थे। आगे की स्लाइड्स में जाने पूरा मामला...
ravidas
- फोटो : अमर उजाला
वर्ष के पहले चंद्रग्रहण के नौ घंटे पूर्व ही सूतक काल लगने के कारण पूजा-पाठ और कई नित्यक्रियाएं पूरी तरह से प्रतिबंधित हो जाती हैं।
ravidas
- फोटो : अमर उजाला
योगी आदित्यनाथ जिस वक्त वाराणसी में संत रविदास का दर्शन करने और लंगर में प्रसाद ग्रहण करने पहुंचे थे उस वक्त ग्रहण का सूतक काल चल रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
ravidas
- फोटो : facebook
बावजूद इसके उन्होंने दर्शन भी किया और प्रसाद के लिए जमीन पर बैठकर भोजन ग्रहण किया। काशी के विद्वानों का कहना है कि सुबह करीब 8:52 पर ही ग्रहण का सूतक काल शुरू हो चुका था।
विज्ञापन
ravidas
- फोटो : अमर उजाला
सूतक काल में मंदिरों के कपाट बंद होने के साथ ही गंगा आरती का समय भी बदल दिया गया था। साथ में भोजन पानी एवं दर्शन पूजन भी पूरी तरह से प्रतिबंध होता है।