सूरज निकला, उसकी आभा से अंधेरा छटा और स्वर्णिम किरणों के साथ खिल उठी योग की सुबह। सड़कों पर ढीले-ढाले कपड़े पहनकर लोग निकल पड़े। सबको जल्दी थी योग शिविरों में शामिल होने की। देखते ही देखते जगह-जगह हजारों की तादाद में लोग जुट गए। भागीरथी की लहरों के साथ घाटों, पार्कों, मैदानों से लेकर ग्रामीण अंचल तक सेहत और खुशहाली का उत्सव सज गया।
2 of 6
सारनाथ में योगाभ्यास करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
दुनिया को योग की अनमोल भेंट देने वाले महर्षि पतंजलि की कर्मभूमि काशी योग में रम गई। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत एक लय, एक प्रवाह में प्राणायाम से लेकर शीर्षसन तक योग के विविध रूप साकार हुए। मंत्री, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, चिकित्सक, शिक्षक, उद्यमी, खिलाड़ी, स्वयंसेवी संगठनों के साथ बच्चे, बुजुर्ग, युवा और महिलाओं ने भागीदारी कर भारतीय संस्कृति के इस महाउत्सव को यादगार बना दिया।
3 of 6
योग दिवस पर अस्सीघाट पर योग करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
नमो घाट पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि योग मनुष्य को केवल शारीरिक और मानसिक तौर पर स्वस्थ नहीं बनता बल्कि यह सामाजिक रूप से भी व्यक्ति का विकास करता है। कार्यक्रम के लिए नमो घाट पर 19 ब्लॉक बनाए गए थे। जहां पांच हजार से ज्यादा लोगों ने एक साथ योग किया।
4 of 6
दशाश्वमेध स्थित शास्त्रार्थ महाविद्यालय में योग करते बटुक।
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान जेटी को आपस में जोड़कर बनाई गई 75 की आकृति सभी के आकर्षण का केंद्र रहीं। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश सह प्रभारी सुनील ओझा, महापौर मृदुला जायसवाल, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, नगर आयुक्त प्रणय सिंह आदि मौजूद रहे। अस्सी घाट पर विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने प्रबुद्धजनों संग योगाभ्यास किया।
5 of 6
पुलिस लाइन में विश्व योग दिवस पर योग करते पुलिस कमिश्नर व अन्य पुलिस अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
अस्सी घाट पर योग कार्यक्रम की शुरूआत पाणिनी कन्या महाविद्यालय की छात्राओं के वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ। अस्सी घाट के अलावा तुलसी घाट से भदैनी घाट तक आरएसएस की अनुसांगिक शाखा के सदस्य, आनंदमयी घाट पर शिक्षा विभाग, जैन घाट पर सनबीम भगवानपुर की छात्राओं के साथ 84 घाटों पर योग की पाठशाला लगी।