वाराणसी जिले में अपराधियों के लिए यह गुजरता साल काल बना रहा। कई बड़े मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनकी संपत्ति भी गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त की। रियल इस्टेट कंपनी शाइन सिटी, नीलगिरी इंफ्रासिटी और नीट सॉल्वर गिरोह के आरोपी सलाखों के पीछे हैं। अपनों पर भी कार्रवाई करने से कमिश्नरेट पुलिस पीछे नहीं हटी।
मऊ के घोसी सीट से बसपा सांसद अतुल राय के चर्चित प्रकरण में डीएसपी अमरेश सिंह बघेल को बर्खास्त कर जेल भेजा गया। व्यापारियों और चिकित्सकों के लिए सिरदर्द बने दो लाख इनामी बदमाश दीपक वर्मा को एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया। गुजरते साल में कुछ ऐसी भी घटनाएं हुईं, जिनके लिए खून के रिश्ते पानी हो गए। संपत्ति, प्रेम संबंधों में अपनों ने ही अपनों की हत्या कर दी। अपराध के ऐसे मामले भी सामने आए जिससे लोग सहम गए।
दुष्कर्म पीड़िता और गवाह साथी ने किया आत्मदाह, बर्खास्त हुए डीएसपी
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अमरेश सिंह बघेल
- फोटो : अमर उजाला
बसपा सांसद अतुल राय और दुष्कर्म पीड़िता प्रकरण भी काफी चर्चित रहा। 16 अगस्त को दुष्कर्म पीड़िता और उसके गवाह साथी ने वाराणसी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए नई दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट परिसर के बाहर आत्मदाह कर लिया था। हफ्ते भर के अंदर ही दोनों ने दम तोड़ दिया। प्रकरण में गलत रिपोर्ट लगाने के आरोपी डीएसपी अमरेश सिंह बघेल को शासन ने बर्खास्त किया और कश्मिनरेट पुलिस ने 30 सितंबर की रात बाराबंकी से अमरेश सिंह बघेल को गिरफ्तार किया और लंका थाने में दर्ज पीड़िता को आत्महत्या के लिए उकसाने मामले में एक अक्तूबर को जेल भेजा। अब भी बघेल जेल में है।
...और जब उबल गया था बनारस
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दुष्कर्म
- फोटो : सांकेतिक
लहरतारा स्थित निजी स्कूल में 26 नवंबर को कक्षा तीन की छात्रा के साथ दरिंदगी प्रकरण में पूरे शहर में उबाल था। कमिश्नरेट पुलिस ने आरोपी सफाई कर्मी अजय कुमार उर्फ सिंकू को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इसके बाद स्कूल के इस्टेट मैनेजर को एक दिसंबर को सिगरा पुलिस ने दिलीप सिंह को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था। छात्रा से दरिंदगी प्रकरण के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों और लोगों ने स्कूल पर विरोध प्रदर्शन तक किया था। पुलिस आयुक्त को एसआईटी तक गठित करनी पड़ी थी।
गैंगवार में मारा गया मुख्तार का करीबी मेराज
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मुख्तार अंसारी और मेराज
- फोटो : फाइल
मऊ सदर विधायक माफिया मुख्तार अंसारी के करीबी मेराज अहमद उर्फ भाई मेराज की 14 मई को चित्रकूट स्थित जेल में हत्या कर दी गई थी। जेल में निरुद्ध सुल्तानपुर निवासी अंशुल दीक्षित संग हुए गैंगवार में गोली मारकर पहड़िया अशोक विहार कालोनी निवासी भाई मेराज की हत्या से मुख्तार अंसारी गिरोह को जहां जोर का झटक लगा था तो वहीं पूर्वांचल के जरायम जगत में भी खलबली मची थी।
रुपया दोगुना के लालच में मारे गए थे बैंक प्रबंधक
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बैंक मैनेजर की गोली मारकर हुई थी हत्या।
- फोटो : अमर उजाला।
जिले की चर्चित घटनाओं की बात करें तो फूलपुर थाना अंतर्गत पिंडराई में नौ जून की रात पीएनबी के करखियांव शाखा प्रबंधक फूलचंद राम की गोली मारकर हत्या कर बदमाशों ने 20 लाख से अधिक रुपये से भरा बैग लूट लिया था। सीएसआर फंड से रुपये दोगुना का लालच देकर वारदात को अंजाम देने वाले दो शूटर सहित 14 आरोपियों को फूलपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था।