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जब प्रणब दा ने कहा- मेहमानों की संख्या कुलपति पर छोड़ दीजिए, महामना की बगिया में दो बार आए थे पूर्व राष्ट्रपति 

Mon, 31 Aug 2020 10:52 PM IST
विचित्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: विचित्र सिंह Updated Mon, 31 Aug 2020 10:52 PM IST
सार

  • एलडी गेस्ट हाउस में किया था विश्राम
  • कुलपति आवास में रात्रिभोज में हुए थे शामिल 

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When Pranab da said - leave the number of guests to the Vice Chancellor, the former President came twice in Mahamana's garden
महामना की 150वीं जयंती के स्मरणोत्सव में शामिल हुए थे पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।

बीएचयू के शताब्दी वर्ष समारोह में 12 मई 2016 को जब तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को तत्कालीन कुलपति प्रो.जीसी त्रिपाठी ने उनसे आने का अनुरोध किया था। इस पर न केवल उन्होंने आने की स्वीकृति दी बल्कि रात्रिभोज के लिए जब राष्ट्रपति भवन के एक अधिकारी ने मेहमानों की संख्या कम रखने की बात कुलपति से कही। तभी प्रणब दा ने तुरंत रोकते हुए कहा कि मेहमानों की संख्या कुलपति पर छोड़ दीजिए।



महामना की बगिया में भारत रत्न प्रणब मुखर्जी दो बार आ चुके हैं। 2016 के पहले वह 25 दिसम्बर 2012 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की 150वी जयंती के स्मरणोत्सव कार्यक्रम के समापन समारोह और विशेष दीक्षांत समारोह में भी बीएचयू आ चुके हैं। दोनों कार्यक्रम में प्रणब मुखर्जी को सुनने के लिए स्वतंत्रता भवन का पूरा सभागार दर्शकों से भरा रहा। 

When Pranab da said - leave the number of guests to the Vice Chancellor, the former President came twice in Mahamana's garden
साल 2012 में बीएचयू पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति का स्वागत करते तत्कालीन कुलपति प्रो. लालजी सिंह। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

दिसंबर 2012 में बीएचयू में दीक्षांत समारोह में आए प्रणब मुखर्जी के कार्यक्रम में नेपाल के तत्कालीन राष्ट्रपति राम बरन यादव, यूपी के तत्कालीन राज्यपाल डॉ. बीएल जोशी, बीएचयू के तत्कालीन चांसलर डॉ. कर्ण सिंह सहित कई लोग शामिल हुए थे। बीएचयू में एलडी गेस्ट हाउस में विश्राम भी किया था। 

मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र का किया था शिलान्यास 

25 दिसंबर 2012 को महामना की 150वीं जयंती के स्मरणोत्सव कार्यक्रम के समापन और विशेष दीक्षांत समारोह में आए प्रणब दा ने मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र का शिलान्यास किया था। उस समय उनके साथ तत्कालीन कुलपति प्रो. लाल जी सिंह, नेपाल के तत्कालीन राष्ट्रपति रामबरन यादव सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।

When Pranab da said - leave the number of guests to the Vice Chancellor, the former President came twice in Mahamana's garden
बीएचयू में एक कार्यक्रम के दौरान मौजूद पूर्व राष्ट्रपति। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।

जारी किया था 100 और 10 रुपये का सिक्का 

12 मई 2016 को बीएचयू में आयोजित शताब्दी वर्ष विशेष व्याख्यान में भाग लेने आए तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने स्वतंत्रता भवन में आयोजित समारोह में ही बीएचयू पर बने शताब्दी स्मृति 100 रुपये के स्मारक सिक्के के साथ ही 10 रुपये का सिक्का भी जारी किया था। 

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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।

प्रणब मुखर्जी जैसा व्यक्तित्व जीवन में नहीं देखा 
बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रो.जीसी त्रिपाठी ने कहा कि  पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी जैसा बड़ा व्यक्तित्व अपने जीवन में अब तक कभी नहीं देखा है। राजनीतिक क्षेत्र में उनके जैसा कोई दूसरा नहीं दिखा।बीएचयू कुलपति के रूप में उनके साथ एक बार स्वीडन, स्वीट्जरलैंड और बेलारूस जाने का मौका मिला था। 

इसके अलावा बीएचयू शताब्दी वर्ष समारोह सहित कई कार्यक्रम में मुलाकात हुई। स्वास्थ्य ठीक न होने के बाद भी उन्होंने बीएचयू आने के अनुरोध को सहर्ष स्वीकारा था। जितनी सरलता, उदारता उनमें दिखती थी, ऐसा कम ही दिखता है।

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