अस्सी से दशाश्वमेध घाट तक शनिवार की सुबह कुछ अलग थी। उत्तर वाहिनी सुरसरि के घाटों पर 19 मई को जिले में होने वाले लोकतंत्र के महापर्व को लेकर उत्साह के अलग-अलग रंग थे। सूर्योदय के साथ गंगा घाटों पर पहुंचे स्कूल के बच्चों, शिक्षकों, स्वयंसेवी और सामाजिक संगठनों के हजारों हजार लोगों के हाथ से हाथ मिलते गए और काशीवासियों ने मतदान का संकल्प लेकर इतिहास रच दिया।
#VoteKaro अस्सी से दशाश्वमेध घाट तक गूंजा 'मतदान करेंगे हम', देखें तस्वीरें
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अमर उजाला और जिला प्रशासन की संयुक्त पहल पर मतदान की अपील करने वाली तख्तियां हाथों में लेकर विभिन्न स्कूलों के बच्चे शामिल हुए। कार्यक्रम खत्म होने तक कतार टूटी नहीं। गायन और नृत्य की प्रस्तुतियां हुईं तो मतदाताओं की जागरूकता के लिए रंगोली और ऑन द स्पॉट पेंटिंग भी बनाई गईं। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक से जागरूक किया तो भातखंडे के कलाकारों ने देशभक्ति गीतों से रंग जमाया। हजारों स्थानीय लोग, देशी-विदेशी पर्यटक और श्रद्धालु भारत माता की जय, जय जय गंगे, हर हर महादेव के उद्घोष में हिस्सेदार बनकर नई सुबह-ए-बनारस के साक्षी बने।
अस्सी घाट पर जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने हजारों लोगों को 19 मई को मतदान करने और स्कूल के बच्चों को अपने अभिभावकों व पड़ोसियों को मतदान के लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई। कहा- गंगा किनारे ली गई इस शपथ को हर हाल में निभाना है। मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी हमारी जिम्मेदारी है। इस अवसर का प्रयोग कर हम सभी पांच साल के लिए सरकार चुनते हैं। पिछले चुनाव के आंकड़ों का हवाला देकर उन्होंने अपील की कि जागरूक होकर हम काशी के मान को देश भर में स्थापित कर सकते हैं। सीडीओ और स्वीप प्रभारी गौरांग राठी ने मतदान के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी दी। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने कहा कि निष्पक्ष मतदान के लिए सुरक्षा संबंधी सभी तैयारियां हैं। किसी के दवाब में आने की जरूरत नहीं है। बाद में राष्ट्रगान में शामिल होकर लोगों ने राष्ट्र गौरव की अनुभूति की।
पचास हजार लोगों ने की हिस्सेदारी: जिला निर्वाचन अधिकारी
वाराणसी। अस्सी घाट पर आयोजन के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र सिंह और एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने अस्सी से दशाश्वमेध घाट तक चार किलोमीटर तक पैदल यात्रा की। दोनों अधिकारियों ने सुबह से घाटों पर एकत्रित हुए स्कूली बच्चों के उत्साह की प्रशंसा की। उनके साथ फोटो भी खिंचवाया और उन्हें भाग लेने के लिए धन्यवाद दिया। सिंह के मुताबिक 38 घाटों पर हुए इस सामूहिक शपथ और राष्ट्रगान में करीब पचास हजार लोगों ने हिस्सेदारी की है।
अहिल्याबाई घाट पर शास्त्रार्थ महाविद्यालय के वैदिक बटुकों एवं शिक्षकों बटुकों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। वेद पाठी बटुकों ने मंगलाचरण से कार्यक्रम की शुरुआत कराई। इसके उपरांत उन्होंने वेद मंत्रो के माध्यम से हर श्रद्धालु को मतदान के लिए संकल्पित कराया। तदुपरांत भारत माता की जय, वंदेमातरम् का जयघोष करते रहे। बटुकों का नेतृत्व आचार्य पवन शुक्ला एवं आचार्य चूड़ामणि शास्त्री ने किया। कामरूप मठ के उत्तराधिकारी स्वामी जपीश्वरानंद तीर्थ एवं सद्गुणानंद तीर्थ महाराज अपने दंडी सन्यासियों के साथ उपस्थित थे।