136 साल के इतिहास में पहली बार अक्तूबर के 24 घंटे में काशी में 180 मिलीमीटर की बारिश हुई है। बीएचयू के मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 1889 से अधिकतम और न्यूनतम तापमान के साथ बारिश का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है लेकिन ऐसी बारिश पहली बार हुई है।
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ओपीडी कमरे के बाहर निकलकर मरीजों को देखते बाल रोग विभाग के प्रोफेसर एसके राव।
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जितनी बारिश 24 घंटे में हुई है, उतनी पूरे अक्तूबर में कभी नहीं हुई है। वहीं, बीएचयू अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडर लदा वाहन जलभराव में फंस गया। इमरजेंसी में भी पानी भर गया। 9 अक्तूबर 1900 में 24 घंटे के दौरान 138.9 मिलीमीटर बारिश हुई थी। बारिश का यह रिकॉर्ड भी अब टूट गया है। दूसरी तरफ शनिवार को देर रात तक 57 मिमी बारिश हुई है।
मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वाराणसी में कभी अक्तूबर में इतनी बारिश नहीं हुई थी। अब तक का रिकॉर्ड 2013 का रहा है, जब महीने के 31 दिनों में कुल 153.5 बारिश रिकॉर्ड की गई थी। शुक्रवार यानी तीन अक्तूबर को वाराणसी में अक्तूबर के पिछले रिकॉर्ड से 34 मिमी ज्यादा बारिश हुई।
इस अक्तूबर के शुरुआती चार दिनों की औसत बारिश से ये आंकड़ा 2000 गुना ज्यादा है। यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बनारस बारिश के सिस्टम के दक्षिणी पश्चिमी हिस्से में आ गया था। फिलहाल अब रविवार से बनारस में न तो बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
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बारिश से सड़कों पर पानी ही पानी।
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शुक्रवार की बारिश का इतना प्रभाव रहा कि शनिवार को भी बनारस का अधिकतम तापमान सामान्य से 5.6 डिग्री लुढ़क गया। बीएचयू के मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, जो तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए था, वह 27.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शनिवार को 15 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। हवा में नमी 87 से 100 फीसदी तक रही। शनिवार को भी बनारस में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया था लेकिन 57 मिलीमीटर बारिश हुई।
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बारिश से हुई फजीहत।
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पार्किंग में चली बाल रोग विभाग की ओपीडी
शुक्रवार सुबह 10 बजे से शुरू होकर 20 घंटे तक की बारिश में बीएचयू अस्पताल परिसर में जलभराव हो गया। अस्पताल के मेन गेट से ओपीडी, इमरजेंसी तक कमर तक पानी भरा रहा। इससे मरीज और तीमारदार मुश्किल से डॉक्टर तक पहुंच सके।
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बारिश से काॅलोनियां हुई लबालब।
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दो पहिया वाहन पानी में डूबे रहे। बाल रोग विभाग के सामने 100 से ज्यादा ऑक्सीजन सिलिंडर लदी गाड़ी फंस गई। मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस, निजी चार पहिया वाहन बंद हो गए। उधर ट्रॉमा सेंटर के गेट से लेकर अंदर भी पानी भरा रहा। कई मरीजों को लेकर तीमारदार आईएमएस के सामने अस्पताल के गेट पर अंदर बहुत देर तक खड़े रहे।