वाराणसी में मंगलवार को अन्य दिनों की तुलना में मौसम का मिजाज बदला रहा। दिन में ही कई जगहों पर धुंध छाया रहा, इसके अलावा नम पछुआ हवाएं भी तेज रहीं। जिससे लोगों ने अधिक ठंड महसूस की। दिन में धूप तो हुई, लेकिन हवा में नमी अधिक होने की वजह से गलन बढ़ी रही, जिससे कि लोग ठिठुरते रहे। पहाड़ों पर इधर कई दिनों से बर्फबारी भी अधिक हो रही है। उसी का असर है कि मैदानी भागों में गलन दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। दो दिन से नम पछुआ हवाओं का दबाव भी वाराणसी समेत आसपास के जिलों में बढ़ गया है।
Varanasi Weather: हवा में छाई धुंध, नम हवाओं से बढ़ी गलन, तीन दिन तक ठंड से नहीं मिलेगी राहत
मौसम के बदलाव का असर रहा कि अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की कमी हुई। सोमवार को 24 डिग्री सेल्सियस की जगह मंगलवार को 21.8 और न्यूनतम तापमान 9.5 की जगह 8.6 डिग्री तापमान रिकार्ड किया गया।
क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक
बीएचयू के भू एवं मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता की वजह से ही मौसम बदला है। फिलहाल दो-तीन दिन तक गलन अधिक रहेगी। कोहरा भी रहेगा लेकिन दिन में कम ही रहेगा। जबकि मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि जम्मू कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ के कारण ही एक बार फिर मौसम बदला है। दो-तीन दिन कड़ाके की ठंड बढ़ेगी। फिलहाल अभी मकर संक्रांति से पहले ठंड से राहत मिलने की संभावना कम नहीं दिख रही है।
पिछले साल कम रहा तापमान
इस साल की तुलना में पिछले साल दिसंबर 2019 में तापमान इससे कम रहा। ठंड भी इस समय से अधिक लग थी। अगर तापमान की बात करें तो 26 दिसंबर को अधिकतम 11.2, न्यूनतम 8.1 डिग्री, 27 दिसंबर को 13.0, न्यूनतम 6.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके साथ ही 28 दिसंबर 2019 को अधिकतम 12 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम 4 डिग्री तापमान रहा। इस साल अभी न्यूनतम तापमान दिसंबर में एक दिन 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे नीचे तापमान गया ही नहीं।
ऐसे हो रहा तापमान में उतार चढ़ाव
अधिकतम न्यूनतम
29 दिसंबर 21.8 9.5
28 दिसंबर 24.0 8.6
27 दिसंबर 22.5 7.5
26 दिसंबर 23.0 7.7
25 दिसंबर 23.2 9.1
24 दिसंबर 24.4 8.3
23 दिसंबर 21.6 7.5 डिग्री सेल्सियस