वाराणसी के फूलपुर थाना इलाके के भरथरा (घमहापुर) में रविवार की रात कारखाने से घर लौट रहे कार सवार मनीष सिंह की हत्या के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी अंकिता के रोने से उपस्थित लोगों की आंखें डबडबा गई। डीसीपी नीतू और एसडीएम पिंडरा प्रतिभा मिश्रा के समक्ष पत्नी अंकिता ने कहा कि पति की जान नहीं लेनी चाहिए थी।
उनका हाथ-पैर तोड़ देते, मैं बैठाकर उन्हें खिला देती। कम से कम वे मेरी आंखों के सामने होते। मेरा तो सुहाग उजड़ गया। छोटे बेटे-बेटियों को लेकर अब जिंदगी कैसे कटेगी... यह कहते ही अंकिता बेसुध हो गईं। दोनों महिला अधिकारियों ने किसी तरह ढांढस बंधाया और न्याय का भरोसा दिलाया।
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पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद परिजन व अन्य
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कार बैक करते समय महिला बिंदु देवी घायल हुई तो उनके परिजनों और पड़ोसियों ने मनीष को घेर लिया। गाली-गलौज करते हुए कार से बाहर खींचा। पहले डंडे से मारा। मनीष ने विरोध जताया तो अन्य आरोपी भी पहुंचे और फिर ईंट, पत्थर से सिर पर वार कर लहूलुहान कर दिया। जमीन पर गिरे मनीष को तब तक पीटते रहे, जब तक उसकी आंखें बाहर नहीं निकल गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हाथ-पैर फ्रैक्चर और सिर में ब्रेन क्षतिग्रस्त पाया गया।
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पिंडारा में हत्या के बाद पहुंची पुलिस की टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लगभग 20 मिनट तक 15 आरोपियों ने युवा उद्यमी मनीष को घेरकर मारा। वहीं, मनीष का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो ग्रामीणों ने गांव के बाहर बावतपुर जमालापुर मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर भी दिया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। 3:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक पुलिस ग्रामीणों को समझाने में जुटी रही।
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क्षतिग्रस्त कार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस दौरान पहुंचीं डीसीपी गोमती जोन नीतू कात्यायन और एसडीएम पिंडरा प्रतिभा मिश्रा ने ग्रामीणों को समझाकर जाम समाप्त कराया। कुछ ग्रामीणों में यह बात की भी चर्चा रही कि ग्राम प्रधान चुनाव को लेकर आरोपियों के बीच पहले से रंजिश थी। मनीष सिंह गांव में काफी लोकप्रिय थे और इस बार चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। आरोपियों की ओर से भी ग्राम प्रधान चुनाव की तैयारियां की जा रही थीं। हालांकि, फूलपुर पुलिस ने चुनावी रंजिश को नकारा है।
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पिंडारा में हत्या के बाद पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इन आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज
आशीष राजभर, मनीष राजभर, नागेंद्र प्रजापति, दीपक राजभर, मनोज प्रजापति, हरिश्चंद्र राजभर, योगेंद्र प्रजापति, गोविंद राजभर और अन्य अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है।