UP News: गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र के कटरिया गांव में किशोरी की मौत व पथराव का मामला तल्ख हो चुका है। कांग्रेस के 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के आने की सूचना पर सोमवार को कैथी टोल प्लाजा के पास बैरिकेडिंग कर पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया था। सिधौना तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस मुस्तैद रही।
इधर, धरम्मरपुर से कटरिया गांव जाने वाली सड़क पर बैरिकेडिंग कर मार्ग बंद कर दिया गया है। वहीं तीन पीएसी, दो सीओ, दस इंस्पेक्टर और 100 आरक्षी तैनात किए गए हैं। उधर, 28 अप्रैल को सपा का प्रतिनिधिमंडल कटरिया गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात करेगा।
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गांव की सीमा पर तैनात पुलिस।
- फोटो : संवाद
एएसपी सिटी डॉ. राकेश मिश्र ने बताया कि कैथी टोल प्लाजा पर बैरिकेडिंग की गई है और पर्याप्त पुलिस बल तैनात है। हालांकि कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल नहीं आया, फिर भी एहतियात के तौर पर पुलिस टीम लगातार चक्रमण कर रही है। उन्होंने बताया कि चोचकपुर-धरम्मरपुर मुख्य सड़क से कटरिया जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई है।
इसके अलावा पीड़िता के घर के आसपास और धीनापुर चट्टी के पास भी बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। कटरिया गांव में दो सीओ के नेतृत्व में पीएसी की तीन कंपनी, दस इंस्पेक्टर और 100 आरक्षी तैनात हैं। पुलिस हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है।
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बैरिकेट लगाकर कांग्रेसजनों का इंतजार करती पुलिस।
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इधर, सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने बताया कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल कटरिया गांव जाएगा और किशोरी निशा विश्वकर्मा के पिता सियाराम विश्वकर्मा से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त करेगा और पार्टी की ओर से उपलब्ध आर्थिक सहायता देगा।
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सुरक्षा को लेकर बातचीत करती पुलिस।
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प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा, विधायक जैकिशन साहू, महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा राजभर और राष्ट्रीय सचिव रीता विश्वकर्मा शामिल रहेंगी। उन्होंने कहा कि यदि प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात शांतिपूर्वक हो जाती है तो राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे का कार्यक्रम स्थगित किया जा सकता है।
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गांव की सीमा पर किया गया बैरिकेट।
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आरोपी गांव छोड़कर भागे, 25 पुलिस के रडार पर
एएसपी सिटी डॉ. राकेश मिश्र ने बताया कि कटरिया पथराव कांड में अब तक 16 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। शेष आरोपियों की तलाश में पुलिस की चार टीमें लगातार दस गांवों में दबिश दे रही हैं। वहीं अज्ञात 200 आरोपियों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज का सहारा लिया जा रहा है। अधिकांश आरोपी गिरफ्तारी के डर से गांव छोड़कर भाग गए हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर बयानबाजी करने वाले 25 और लोग पुलिस के रडार पर हैं, जिन्हें चिह्नित किया जा रहा है।