यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के लिहाज से पूर्वांचल की करीब 100 सीटों पर भाजपा की निगाह जमी है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पिछले करीब एक महीने से पूर्वांचल के कई जिलों में दौरा कर चुके हैं। दिसंबर में दो बार काशी आने के बाद अब प्रधानमंत्री एक बार फिर आठ जनवरी को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी आएंगे।
इस बार प्रधानमंत्री बनारस के लिए ड्रीम प्रोजेक्ट रोपवे संचालन के साथ ही कमिश्नरी में बन रहे सिग्नेचर बिल्डिंग सहित अन्य परियोजनाओं की सौगात दे सकते हैं। प्रधानमंत्री का आठ जनवरी को वाराणसी में कार्यक्रम प्रस्तावित है।
इसके बाद से जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जानकारी के मुताबिक, इस दौरे में पीएम मोदी कैंट स्टेशन से गोदौलिया-गिरजाघर तक रोपवे परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इसके साथ ही काशी में पर्यटन के नये केंद्र के तौर पर विकसित खिड़किया घाट का लोकार्पण कर सकते हैं।
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पीएम मोदी ने करखियांव में जनसभा को किया संबोधित
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काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण पर पीएम मोदी दो दिवसीय दौरे पर 13 दिसंबर को वाराणसी आए थे। फिर 23 दिसंबर को करखियांव में अमूल प्लांट की आधारशिला रखने समेत 2100 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात देने के लिए अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचे। करीब ढाई घंटे के काशी दौरे में पीएम बदलते बनारस को गति देने के साथ ही पिछली सरकारों की नाकामियों की याद दिलाना नहीं भूले। पढ़ें पूरी खबर..
दुनियाभर के सैलानियों को बनारस के जाम से निजात दिलाने की कवायद में प्रस्तावित रोप-वे परियोजना धरातल पर जल्द ही उतरने वाली है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर रोप-वे का निर्माण होगा। आठ जनवरी को पीएम मोदी इसका शिलान्यास कर सकते हैं।
काशी के लिए ट्रैफिक संजीवनी कहलाने वाले इस ड्रीम प्रोजेक्ट का सभी को बेसब्री से इंतजार है। पीपीपी मॉडल पर रोप-वे का निर्माण कराया जाएगा। इसके निर्माण पर 410 करोड़ रुपये खर्च आएगा। कैंट स्टेशन से गिरिजाघर चौराहे तक 3.65 किलोमीटर रोप-वे चलेगी और इसके कुल चार स्टेशन होंगे।
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पीएम मोदी ने अमूल प्लांट का किया शिलान्यास
- फोटो : अमर उजाला
आठ जनवरी को वाराणसी आ रहे प्रधानमंत्री नए साल में काशीवासियों को कई सौगातें देंगे। इसमें प्रमुख रूप से कचरे से कोयला बनाने वाले प्लांट और रोपवे परियोजना का शिलान्यास शामिल हैं। बता दें कि कचरे से कोयला बनाने का प्लांट देश का पहला प्लांट होगा और पायलट प्रोजेक्ट के तहत रमना में स्थापित किया जा रहा है।