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अध्यात्म से लेकर अन्नदाता तक को साधा, जानिए काशी को कितना मिला बजट

Sat, 09 Feb 2019 10:22 AM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Published by: Sayali Maurya Updated Sat, 09 Feb 2019 10:22 AM IST
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UP budget 2019 is from spiritual to farmers in the view of varanasi

लोकसभा चुनाव से पूर्व पेश बजट में योगी सरकार ने हर वर्ग को साधने का प्रयास किया है। बजट में काशी के लिए मंदिर, पर्यटन, उच्च शिक्षा, स्मार्ट सिटी के लिए बहुत कुछ है। विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के विकास लिए जहां प्रदेश सरकार ने 207 करोड़ रुपये का बजट दिया है, वहीं शिक्षा में शहर के तीनों विश्वविद्यालयों के लिए भी खजाने का मुंह खोल दिया है। बीएचयू में बन रहे वैदिक विज्ञान केंद्र में 16 करोड़ की लागत से वैदिक संग्रहालय, वैदिक वेदशाला, योग सभागार, यज्ञशाला का निर्माण होगा। वहीं संस्कृत और संस्कृति के विकास के लिए काशी विद्यापीठ को 21 करोड़ और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय को 21 करोड़ 54 लाख रुपये मिले हैं। उद्यमी और किसानों के लिए भी बजट में बहुत कुछ है।

विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर में विकसित होंगी श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं

UP budget 2019 is from spiritual to farmers in the view of varanasi
amarujala - फोटो : amarujala

काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर में भवनों की खरीद और ध्वस्तीकरण के बाद अब विकास कार्यों का रास्ता साफ हो गया है। प्रदेश सरकार ने भी अपने बजट में कॉरिडोर में विकास कार्यों के लिए 207 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। माना जा रहा है कि मंदिर क्षेत्र में जल्द ही विकास कार्य शुरू हो जाएंगे। काशी विश्वनाथ मंदिर से गंगा घाट तक बनने वाले काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के तहत श्रद्धालु सुविधाओं को विकसित करने का काम जल्द शुरू हो जाएगा। 240 से ज्यादा भवनों की खरीद और ध्वस्तीकरण के बाद अब इस पूरे क्षेत्र का विकास किया जाना है। इसके लिए पहली किश्त के रूप में शासन ने 207 करोड़ रुपये अवमुक्त किए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि धनराशि मिलने के बाद विकास कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। यहां बता दें कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का नक्शा तैयार किया जा चुका है। इसके लिए 296 भवनों को चिह्नित किया गया है। इसमें शामिल 27 सेवइत संपत्तियों का मंदिर न्यास के पक्ष में राजीनामा कराया गया है। ध्वस्तीकरण 70 फीसदी से ज्यादा होने के चलते विकास कार्य का रास्ता भी साफ है। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि गंगा घाट से काशी विश्वनाथ मंदिर तक श्रद्धालु सुविधाओं के लिए यह धनराशि अवमुक्त की गई है।

पांच मंजिला वैदिक विज्ञान केंद्र निर्माण को मिलेगी गति

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- फोटो : amar ujala

बीएचयू परिसर में विश्वनाथ मंदिर के पास बन रहे वैदिक विज्ञान केंद्र के निर्माण कार्य में तेजी आई है। पांच मंजिला बनने वाले इस केंद्र में 30 कमरे, एक सभागार और सात व्याख्यान कक्ष के साथ ही प्रयोगशाला, वैदिक न्यूरोलॉजिकल लैब, स्टूडियो और पुस्तकालय की भी सुविधा रहेगी। 18 दिसंबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भवन का शिलान्यास होने के बाद पहले चरण में 12 करोड़ रुपये का अनुदान मिला था। गुरुवार को प्रदेश सरकार की ओर से सत्र 2019-20 के लिए 16 करोड़ रुपये दिए जाने की घोषणा की गई है। इस केंद्र का निर्माण कार्य इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा। दूसरे चरण में मिले धन से वैदिक संग्रहालय, वैदिक वेदशाला, योग सभागार, केंद्रीयकृत प्रयोगशाला, यज्ञशाला और शिक्षक आवास प्रस्तावित हैं। 

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काशी विद्यापीठ और संपूर्णानंद को मिले 42 करोड़ 54 लाख

UP budget 2019 is from spiritual to farmers in the view of varanasi

प्रदेश सरकार ने बजट में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा पर मेहरबानी दिखाई है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ को 21 करोड़ तो संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय को 21 करोड़ 54 लाख का बजट जारी किया गया है। बेसिक शिक्षा में समग्र शिक्षा अभियान के लिए 18,485 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। संस्कृत की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए संस्कृत पाठशालाओं को अनुदान के लिए 242 करोड़ और संस्कृत के महाविद्यालयों के लिए 30 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. टीएन सिंह का कहना है कि विश्वविद्यालय के समग्र विकास के लिए 21 करोड़ रुपये मिले हैं। इससे विज्ञान के अध्ययन के लिए सुविधाएं बढ़ाने, शताब्दी वर्ष के आयोजन, पत्रकारिता कोर्स को बढ़ावा देने समेत नए पाठ्यक्रमों के विकास पर भी बल दिया जाएगा। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय को मिले बजट से संस्कृत के विकास के लिए कार्य किए जाएंगे।

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स्मार्ट सिटी के काम में आएगी तेजी

UP budget 2019 is from spiritual to farmers in the view of varanasi
- फोटो : demo

सूबे की योगी सरकार के तीसरे बजट में वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्मार्ट सिटी मिशन के लिए दो हजार करोड़ रुपये दिए हैं। इससे बनारस में स्मार्ट सिटी के काम में भी तेजी आएगी। नगर के सुनियोजित विकास में इसका प्रभाव दिखेगा। राज्य सरकार ने नगर विकास पर खर्च करने का निर्णय लिया है। अमृत योजना पर 22 सौ करोड़ खर्च होगा। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के लिए बजट में 5,156 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इनसे कुरहुंआ, दासेपुर और दांदुपुर में बन रहे 1,392 आवासों के काम में तेजी आएगी। स्वच्छ भारत मिशन पर 1,500 करोड़ आने से बनारस में लंबित स्वच्छता के कामों में गति आएगी। लहरतारा तालाब, कबीर मठ स्थल के साथ ही संत गुरु रविदास जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इन दोनों ही धर्म स्थलों का विकास होने पर पर्यटन को लाभ होगा।

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