बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में नियुक्त डॉ. फिरोज खान आयुर्वेद और कला संकाय में दिए साक्षात्कार में भी सफल हो गए हैं। सफल अभ्यर्थियों की सूची में उनका नाम पहले नंबर पर है। अब वह एसवीडीवी में सेवा देंगे या फिर आयुर्वेद और कला संकाय में जाना चाहेंगे, इसका फैसला उन्हीं को करना है।
डॉ. फिरोज की नियुक्ति पर कार्यकारिणी की मुहर, किस संकाय में पढ़ाएंगे खुद करेंगे फैसला
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कला संकाय में जा सकते हैं डॉ. फिरोज
डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति पर कार्यपरिषद की मुहर लगने के बाद अब गेंद बीएचयू प्रशासन के पाले में हैं। किस संकाय में पढ़ाना है, यह फैसला डॉ. फिरोज को करना है, लेकिन बीएचयू प्रशासन की भूमिका भी बढ़ गई है। ऐसा इसलिए, क्योंकि एसवीडीवी में नियुक्त डॉ. फिरोज अगर दूसरे संकाय में जाने पर फैसला लेते हैं तो नियुक्ति प्रक्रिया नए सिरे से करनी होगी।
विश्वविद्यालयीय सूत्रों के अनुसार, बीएचयू प्रशासन जल्द ही इस मामले में डॉ. फिरोज से बात करेगा। माना जा रहा है कि फिरोज की इच्छा एसवीडीवी को छोड़कर कला संकाय के संस्कृत विभाग में जाने की है। वह जल्द ही यहां ज्वाइन कर सकते हैं।
चयन समिति के बारे में मांगी जानकारी
कार्यकारिणी सदस्यों ने डॉ. फिरोज नियुक्ति प्रकरण पर बहस के दौरान कुलपति से तीनों संकायों के लिए गठित चयन समिति के सदस्यों के बारे में जानकारी मांगी। परिषद के एक सदस्य ने नाम न छापने के शर्त पर बताया कि कार्यकारिणी यह सुनिश्चित करना चाहती थी कि तीनों संकायों में एक ही समिति तो शामिल नहीं थी। कुलपति ने तीनों चयन समिति में अलग-अलग विशेषज्ञों के शामिल होने की जानकारी दी।
पारदर्शिता का खयाल रखने की नसीहत
कला संकाय के दर्शनशास्त्र विभाग, विज्ञान संकाय के सांख्यिकी, मैनेजमेंट सहित अन्य संकायों में हुई नियुक्तियों की शिकायतों का भी कार्यकारिणी सदस्यों ने संज्ञान लिया। सदस्यों ने बीएचयू प्रशासन से नियुक्तियों में नियमों, परिनियमों का खयाल रखते हुए पारदर्शिता पर ध्यान देने की नसीहत दी। बताते चलें कि अभ्यर्थियों ने साक्षात्कार की प्रक्रिया पर सवाल खड़े प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मानव संसाधन विकास मंत्री के साथ ही परिषद के सदस्यों से शिकायत कर जांच की मांग की थी।