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डॉ. फिरोज की नियुक्ति पर कार्यकारिणी की मुहर, किस संकाय में पढ़ाएंगे खुद करेंगे फैसला

Sun, 08 Dec 2019 12:37 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Sun, 08 Dec 2019 12:37 AM IST
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The executive's seal on the appointment of Dr. Feroze, which faculty will decide on its own
फिरोज खान - फोटो : सोशल मीडिया

बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में नियुक्त डॉ. फिरोज खान आयुर्वेद और कला संकाय में दिए साक्षात्कार में भी सफल हो गए हैं। सफल अभ्यर्थियों की सूची में उनका नाम पहले नंबर पर है। अब वह एसवीडीवी में सेवा देंगे या फिर आयुर्वेद और कला संकाय में जाना चाहेंगे, इसका फैसला उन्हीं को करना है।



शनिवार को दिल्ली में हुई कार्यकारिणी परिषद की बैठक में उनकी नियुक्ति का लिफाफा खुला तो इस पर जोरदार बहस हुई। अंतत: सदस्यों ने एसवीडीवी की उनकी नियुक्ति को सही ठहराया है। बैठक में नियुक्तियों से जुड़े अन्य मामलों के साथ ही दीक्षांत समारोह के आयोजन पर भी चर्चा हुई। 

एसवीडीवी में पांच नवंबर को साक्षात्कार के बाद छह को जारी परिणाम में डॉ. फिरोज खान को असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्त कर दिया गया। सात नवंबर को वह संकाय में ज्वाइन करने वाले थे, तभी छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया। इस बीच 29 नवंबर को आयुर्वेद संकाय के संहिता एवं संस्कृत विभाग और चार दिसंबर को कला संकाय के संस्कृत विभाग में उन्होंने साक्षात्कार दिया और वह वहां भी चयनित हुए। 

शनिवार को कार्यकारिणी बैठक में कुछ सदस्यों ने डॉ. फिरोज की नियुक्ति के बाद छात्रों के धरना-प्रदर्शन, देश भर में लोगों द्वारा टिप्पणी करने आदि पर चर्चा की। बाद में फैसला डॉ. फिरोज पर ही छोड़ दिया गया। इसके अलावा कृषि विज्ञान संस्थान, संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय, आईएमएस, विज्ञान संस्थान आदि जगहों पर हुई नियुक्तियों पर भी कार्यकारिणी परिषद ने मुहर लगाई।
 

The executive's seal on the appointment of Dr. Feroze, which faculty will decide on its own
Firoz khan - फोटो : BBC

कला संकाय में जा सकते हैं डॉ. फिरोज

डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति पर कार्यपरिषद की मुहर लगने के बाद अब गेंद बीएचयू प्रशासन के पाले में हैं। किस संकाय में पढ़ाना है, यह फैसला डॉ. फिरोज को करना है, लेकिन बीएचयू प्रशासन की भूमिका भी बढ़ गई है। ऐसा इसलिए, क्योंकि एसवीडीवी में नियुक्त डॉ. फिरोज अगर दूसरे संकाय में जाने पर फैसला लेते हैं तो नियुक्ति प्रक्रिया नए सिरे से करनी होगी।

विश्वविद्यालयीय सूत्रों के अनुसार, बीएचयू प्रशासन जल्द ही इस मामले में डॉ. फिरोज से बात करेगा। माना जा रहा है कि फिरोज की इच्छा एसवीडीवी को छोड़कर कला संकाय के संस्कृत विभाग में जाने की है। वह जल्द ही यहां ज्वाइन कर सकते हैं। 

The executive's seal on the appointment of Dr. Feroze, which faculty will decide on its own
संकाय में ताला जड़कर विरोध-प्रदर्शन करते लोग बीएचयू के छात्र। - फोटो : अमर उजाला

चयन समिति के बारे में मांगी जानकारी

कार्यकारिणी सदस्यों ने डॉ. फिरोज नियुक्ति प्रकरण पर बहस के दौरान कुलपति से तीनों संकायों के लिए गठित चयन समिति के सदस्यों के बारे में जानकारी मांगी। परिषद के एक सदस्य ने नाम न छापने के शर्त पर बताया कि कार्यकारिणी यह सुनिश्चित करना चाहती थी कि तीनों संकायों में एक ही समिति तो शामिल नहीं थी। कुलपति ने तीनों चयन समिति में अलग-अलग विशेषज्ञों के शामिल होने की जानकारी दी। 
 

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The executive's seal on the appointment of Dr. Feroze, which faculty will decide on its own
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

पारदर्शिता का खयाल रखने की नसीहत

कला संकाय के दर्शनशास्त्र विभाग, विज्ञान संकाय के सांख्यिकी, मैनेजमेंट सहित अन्य संकायों में हुई नियुक्तियों की शिकायतों का भी कार्यकारिणी सदस्यों ने संज्ञान लिया। सदस्यों ने बीएचयू प्रशासन से नियुक्तियों में नियमों, परिनियमों का खयाल रखते हुए पारदर्शिता पर ध्यान देने की नसीहत दी। बताते चलें कि अभ्यर्थियों ने साक्षात्कार की प्रक्रिया पर सवाल खड़े प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मानव संसाधन विकास मंत्री के साथ ही परिषद के सदस्यों से शिकायत कर जांच की मांग की थी। 

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सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

पीएफ का पैसा जमा करने में सावधानी बरते बीएचयू

कर्मचारियों के पीएफ का पैसा फंसने संबंधी शिकायतों पर भी बैठक में चर्चा हुई। बीएचयू की ओर से सदस्यों को बताया गया कि बीएचयू ने कुल 180 करोड़ रुपये निजी कंपनी में जमा किए। इसमें पैसा फंसा नहीं हैं। बीएचयू प्रशासन का पक्ष आने के बाद सदस्यों ने भविष्य में पीएफ का पैसा जमा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी।
 
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