दुनिया के सबसे प्राचीन शहर बनारस में अब तंबुओं का शहर आकार लेगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नवरात्रि से शिवरात्रि तक आबाद रहने वाले टेंट सिटी में रहने वाले गंगा के अर्द्धचंद्राकार घाटों का नजारा भी ले सकेंगे। टेंट सिटी में पर्यटकों के लिए खान-पान, पारंपरिक मनोरंजन, अध्यात्म व कॉरपोरेट वर्ल्ड के लिए सेमिनार की भी सुविधाएं होंगी।
गुजरात के रन ऑफ कच्छ और जैसलमेर के सेंड ड्यूंस की तर्ज पर काशी में टेंट सिटी का निर्माण किया जाएगा। टेंट सिटी में आने वाले पर्यटकों के लिए होटल के बजाय गंगा के किनारे रुकना और सुबह उठकर मां गंगा के दर्शन के साथ घाट की सुंदर आभा को निहारना भी नए अनुभव के रूप में शामिल होगा।
वाराणसी विकास प्राधिकरण ने इसके लिए एक्सप्रेशन आफ इंटरटेस्ट जारी कर दिया है। इसकी अंतिम तिथि 15 मई रखी गई है। वीडीए की उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने बताया कि गंगा के उस पार अस्सी घाट के सामने रेत पर रामनगर के कटेसर क्षेत्र में लगभग 500 हेक्टेयर में तंबुओं का शहर बसाया जाएगा। जरूरत के मुताबिक इसको बढ़ाया भी जा सकता है।
टेंट सिटी में पर्यटन स्थल पर मिलने वाली सारी सुविधाएं होंगी। ठेठ बनारसी खान पान के साथ पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आनंद खुली हवा में ले सकेंगे। इसके साथ ही वाटर एडवेंचर स्पोर्ट्स (जेट स्की, बनाना बोट पैरासेलिंग, कैमल और हॉर्स राइडिंग, फिसिंग) का लुत्फ भी पर्यटक ले सकेंगे।
टेंट सिटी में रहकर पर्यटक निर्मल व अविरल गंगा के कोलाहल के बीच टेंट में घर जैसे माहौल को महसूस करेंगे। योग, मेडिटेशन, लाइब्रेरी, आर्ट गैलरी के लिए शांत जगह होगी। पर्यटकों के पैकेज टूर में भी टेंट सिटी नजर आएगी। सुबह-ए-बनारस के साथ ही गंगा किनारे सुबह व शाम मां गंगा की आरती होगी। जेटी के जरिए पर्यटक गंगा में सैर करने के लिए क्रूज व बजरे पर सवार हो सकेंगे। टेंट सिटी नवरात्रि के आस-पास शुरू होकर शिवरात्रि तक रहेगी। गंगा में बाढ़ के समय रेत पर पानी आने के कारण तंबुओं का हटा दिया जाएगा।
विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने बताया कि पहले कछुआ सेंचुरी के कारण गंगा पार रेती में किसी तरह के आयोजन पर एनजीटी का आदेश आड़े आ रहा था। सरकार के प्रयास से कछुआ सेंचुरी शिफ्ट होने के बाद इस समस्या का भी समाधान हो गया है और गंगा पार फैली रेती को पर्यटन का नया केंद्र बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। पीक सीजन में पर्यटकों के कारण होटल में कमरे कम पड़ जाते हैं। सरकार चाहती है कि काशी आने वाला पर्यटक कम से कम सात दिन यहां रुके।
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टेंट सिटी
- फोटो : अमर उजाला
तंबुओं के इस शहर में पूरी दुनिया में मशहूर बनारसी साड़ी, बनारसी ब्रोकेड, लकड़ी के खिलौने, गुलाबी मीनाकारी स्टोन कार्विंग के साथ ही जीआई उत्पाद व वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट भी होंगे।