उत्तर प्रदेश के वाराणसी में देह व्यापार का बड़ा जाल फैला हुआ है। इस बात का खुलासा वाराणसी के शिवदासपुर के रेड लाइट एरिया में हुए छापेमारी से स्पष्ट होता है। क्राइम ब्रांच और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा एक हफ्ते में दो बार की गई छापेमारी में कुल दो किशोरियों और एक युवती को देह व्यापार के दलदल से छुड़ाया गया है। छापेमारी के वक्त पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई थी। देखें आगे की स्लाइड्स में...
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छापेमारी करती पुलिस
- फोटो : amar ujala
जिले के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के शिवदासपुर के रेड लाइट एरिया में क्राइम ब्रांच और पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार शाम को छापेमारी की। जहां से दो किशोरियों को मुक्त कराया। साथ ही जबरन देह व्यापार कराने के आरोप में पांच महिलाओं और चार पुरुषों को गिरफ्तार किया है। यह छापेमारी प्रयागराज की संस्था फ्रीडम फर्म की शिकायत पर की गई है।
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छापेमारी करती पुलिस
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एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि प्रयागराज की संस्था फ्रीडम फर्म की तरफ से सूचना मिली कि शिवदासपुर के रेड लाइट एरिया में किशोरियों से जबरन देह व्यापार कराया जा रहा है। इस सूचना पर सीओ चेतगंज अंकिता सिंह के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह की रेस्क्यू टीम गठित की गई। गुरुवार को शाम के समय क्राइम ब्रांच ने शिवदासपुर के रेड लाइट एरिया में छापेमारी की।
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छापेमारी करने पहुंची पुलिस
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छापेमारी करने के दौरान इसकी सूचना पहले से ही लीक हो गई थी। जिस मकान में छापेमारी करना तय किया गया था उसका शटर बंद मिला। इस दौरान एक और मकान का शटर बंद रहा। कई बार खटखटाने के बाद भी अंदर से यही आवाज आती रही कि नमाज पढ़ रही हूं। आखिरकार जब शटर खुला तो दो पुरुष पकड़े गए। एक मकान का दरवाजा कई बार खटखटाने के बाद भी नहीं खुला।
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किशोरियों को थाने ले जाती पुलिस
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शिवदासपुर की रेड लाइट एरिया से मुक्त कराई गई दो किशोरियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें उनके परिजनों के बारे में नहीं मालूम कि वे कौन हैं और उनका घर कहां हैं और ? शिवदासपुर के रेड लाइट एरिया कैसे पहुंची, इसकी जानकारी भी उन्हें नहीं है। सभी का कहना था कि उन्हें अब इस परिवेश में रहने की आदत सी पड़ गई है। अब हमें कौन अपनाएगा और हम कहां सुकून से रह पाएंगे। किशोरियों ने बताया कि शुरुआत में उन्हें देह व्यापार के लिए मारापीटा गया, प्रताड़ित किया गया। उन पर 24 घंटे नजर रखी जाती थी।