आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि ( 9 अक्तूबर) पर आसमान से जमीन पर अमृत की बरसात होगी। आरोग्य लाभ के लिए शरद पूर्णिमा की चंद्रकि रणों में औषधीय गुण विद्यमान रहते हैं। शरद पूर्णिमा की रात्रि से कार्तिक पूर्णिमा की रात्रि तक आकाश दीप जलाकर दीपदान की महिमा है। दीपदान करने से घर के समस्त दुख-दारिद्रय का नाश होता है तथा सुख समृद्धि का आगमन होता है। गंगा के तट पर अमर शहीदों की राह में आकाशदीप रोशन होते हैं। काशी में कार्तिक मास पर्यंत स्नान और गंगा तट पर दीप प्रज्जवलन करने की परंपरा है।
Sharad Purnima 2022: कब है शरद पूर्णिमा? चांद की रोशनी में रखी खीर खाने की क्या है मान्यता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Sat, 08 Oct 2022 01:45 PM IST
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