सावन के दूसरे सोमवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन किया। काशीपुराधिपति सावन के दूसरे सोमवार को शिव शक्ति के स्वरूप में भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। काशी विश्वनाथ का इस शिव शक्ति स्वरूप में विग्रह श्रंगार किया जाता है। भक्तों के लिए शनिवार को इसकी तैयारियां कर दी थीं। बैरिकेडिंग लगाकर उसमें रेड कारपेट बिछा दिया था।
सावन का दूसरा सोमवार: श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, शिवशक्ति के स्वरूप में काशी विश्वनाथ ने दिए दर्शन
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सोमवार की सुबह भक्तों से गंगा में डुबकी लगाई। साथ काशी विश्वानाथ के दर्शन किए। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा गया। साथ ही सभी श्रद्धालुओं को मास्क लगाना अनिवार्य था।
मंदिर में न लेकर आएं कोई भी इलेक्ट्रानिक उपकरण :
मुख्यकार्यपालक अधिकारी ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल, पेन, घड़ी, पेनड्राइव आदि को लेकर मंदिर में न आएं। इससे दर्शन में परेशानी होगी। दूसरा मंदिर परिसर में किसी विग्रह, दीवार या रेलिंग को स्पर्श करने से बचें। छह घंटे पर होगा सैनिटाइज मंदिर परिसर को हर 6 घंटे पर सैनिटाइज किया जाएगा। आपात स्थिति के लिए चिकित्सक और एनडीआरएफ की टीम भी तैनात रहेगी। पेयजल से लेकर खोया पाया केंद्र, पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी लगाया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा केलिए शौचालय बनवाया गया है।
शनिवार और रविवार को आम श्रद्धालुओं को नहीं मिलेगा :
दर्शन शासन की ओर से जारी प्रतिबंध के आदेश के बाद श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के कपाट भी शनिवार और रविवार को आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे। मुख्य कार्यपालक अधिकारी गौरांग राठी ने बताया कि मंदिर प्रत्येक सोमवार को सुबह 5 बजे से शुक्रवार रात्रि 10 बजे तक खुला रहेगा। शुक्रवार रात्रि 10 बजे से सोमवार सुबह 5 बजे तक आम श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। यह व्यवस्था अग्रिम आदेश तक जारी रहेगा।
बंद रहे प्रमुख शिवालय, कहीं मिला झांकी दर्शन
सावन के दूसरे सोमवार को भी शहर के प्रमुख शिवालय बंद रहेंगे। महामृत्युंजय, गौरी केदारेश्वर, तिलभांडेश्वर, शूलटंकेश्वर, बीएचयू विश्वनाथ मंदिर सहित सभी प्रमुख शिवालयों में आम श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहा। वहीं सारंगनाथ महादेव में झांकी दर्शन का इंतजाम किया गया।