विकास कार्यों की समीक्षा के लिए शुक्रवार को मुख्य सचिव डॉ. दुर्गा शंकर मिश्र वाराणसी पहुंचे। बैठक के बाद बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र जब श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निरीक्षण कर रहे थे तो गंगा द्वार से पहले ही एक सन्यासी ने उनका रास्ता रोक लिया। हाथ जोड़कर स्वामी सत्य चैतन्य आचार्य ने मुख्य सचिव से कहा कि दो मिनट का समय है तो एक निवेदन है। सचिव ने कहा कि जरूर स्वामीजी आप बताएं।
इस पर स्वामी सत्य चैतन्य ने शंकराचार्य की प्रतिमा की ओर इंगित करते हुए कहा कि इस मूर्ति पर कोई छतरी नहीं लगी है। यह आदिगुरु हैं और इनकी प्रतिमा पर छतरी लग जाती तो बेहतर हो जाता। मुख्य सचिव ने स्वामी सत्य चैतन्य की बातों को गंभीरता से सुना और साथ चल रहे अधिकारियों को इस पर शीघ्र क्रियान्वयन का निर्देश दिया।
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काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निरीक्षण करते मुख्य सचिव
- फोटो : अमर उजाला
मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र 4:25 बजे श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। अतिथि भवन में अधिकारियों से बातचीत के बाद मुख्य सचिव बाबा दरबार पहुंचे। श्री काशी विश्वनाथ का दर्शन पूजन करने के बाद वह मंदिर चौक होते हुए ललिता घाट तक गए।
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स्वामी सत्य चैतन्य आचार्य
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गंगा द्वार की सीढ़ियों से उतरकर गंगा जी तक गए और आते समय अधिकारियों से धाम क्षेत्र के हर एक भवन के बारे में जानकारी भी ली। मंदिर सभागार में अधिकारियों संग बैठक के बाद वह निकल गए।
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मुख्य सचिव, मंडलायुक्त और डीएम
- फोटो : अमर उजाला
मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि जिन भवनों का आवंटन हो चुका है उनको जल्द से जल्द क्रियाशील कराया जाए। श्री काशी विश्वनाथ धाम में अधिक से अधिक श्रद्धालुओं के लिए सुविधा तैयार की जाए। उसके लिए टीमें गठित की जाए और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा प्रदान की जाए जिससे कि उन्हें कुछ अलग अनुभव हो।
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सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर में मुख्य सचिव
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार शाम श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान धाम की सुविधा और सुरक्षा का जायजा लिया। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि इंपोरियम, फूड कोर्ट, मुमुक्षु भवन, गेस्ट हाउस, मल्टीपरपज हाल वाली सभी बिल्डिंगों का टेंडर हो चुका है। कई कंपनियां आ चुकी हैं, जो अपना काम कर रही हैं।