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PHOTOS: गुरु चरण में संत निरंजन दास, एक लाख से अधिक संगत भी पहुंची काशी; देखें- तस्वीरें

Tue, 11 Feb 2025 07:05 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Tue, 11 Feb 2025 07:05 AM IST
सार

Ravidas Jayanti 2025: रविदास जयंती को लेकर उनकी जन्मस्थली काशी में लाखों संगत पहुंची है। सोमवार को बेगमपुरा एक्सप्रेस से दो हजार संगत के साथ संत निरंजन दास पहुंचे। उनको अपने बीच पाकर अनुयायी निहाल हो गए।

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Sant Ravidas Jayanti 2025 Sant Niranjan Das and more than one lakh followers reached Varanasi
बेगमपुरा एक्सप्रेस से दो हजार संगत के साथ काशी पहुंचे संत निरंजन दास। - फोटो : अमर उजाला

अपराह्न 3:49 बजे जैसे ही बेगमपुरा एक्सप्रेस कैंट स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर नौ पर पहुंची, रविदासिया धर्म के प्रमुख संत निरंजन दास का स्वागत करने को रैदासी आतुर हो उठे। दो हजार संगत के साथ संत रविदास की जन्मस्थली काशी पहुंचे संत निरंजन दास को अपने बीच पाकर अनुयायी निहाल हो गए। गुरु के प्रति श्रद्धा और भक्ति में सराबोर अनुयायी उनकी एक झलक पाने को बेताब दिखे। जय गुरुदेव..., धन गुरुदेव... के जयघोष के साथ उनका स्वागत किया।

Sant Ravidas Jayanti 2025 Sant Niranjan Das and more than one lakh followers reached Varanasi
बेगमपुरा एक्सप्रेस से दो हजार संगत के साथ काशी पहुंचे संत निरंजन दास। - फोटो : अमर उजाला
यही नजारा संत के सपनों के गांव सीरगोवर्धनपुर का भी था। यहां भी डेरा सचखंड बल्ला के गद्दीनशीन निरंजन दास का भव्य स्वागत हुआ। कैंट स्टेशन से गुरु की जन्मस्थली सीरगोवर्धनपुर तक गुरु की अगवानी के लिए भीड़ उमड़ी रही। मंदिर पहुंचकर निरंजन दास ने संत रविदास के गुरु के चरणों में सिर झुकाया। उनके दर्शन किए। विभिन्न प्रांतों से एक लाख से अधिक संगत पहुंची है। 
Sant Ravidas Jayanti 2025 Sant Niranjan Das and more than one lakh followers reached Varanasi
बेगमपुरा एक्सप्रेस से दो हजार संगत के साथ काशी पहुंचे संत निरंजन दास। - फोटो : अमर उजाला
माघ मास की पूर्णिमा तिथि यानी 12 फरवरी को संत शिरोमणि गुरु रविदास की 648वीं जयंती मनाई जाएगी। जयंती पर ही ग्रीस के अनुयायी द्वारा भेंट किए गए सोने के निशान को मंदिर में लगाया जाएगा। श्री गुरु रविदास जन्म स्थान पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन संत निरंजन दास का मंदिर के जिंदर बाबा और मैनेजर हर गोपाल ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। मंदिर के बाहर सड़क के दोनों तरफ उनके दर्शन के लिए भीड़ लगी थी। वह सीधे मंदिर में पहुंचे और माला पहनाया और दर्शन किए। इसके बाद मंदिर की परिक्रमा की। फिर गद्दी पर विराजमान हुए। इसके बाद उनके दर्शन के लिए अनुयायियों की कतार लग गई, जो रात तक गुरु के चरणों की बंदगी कर आशीष लेने के लिए भीड़ रही।
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Sant Ravidas Jayanti 2025 Sant Niranjan Das and more than one lakh followers reached Varanasi
बेगमपुरा एक्सप्रेस से दो हजार संगत के साथ काशी पहुंचे संत निरंजन दास। - फोटो : अमर उजाला

उधर, उनके साथ आई संगत छोटे-बड़े वाहनों से मंदिर पहुंची। इस दौरान संत निरंजन दास ने ट्रस्टियों के साथ बैठक कर मेथे की व्यवस्था का जायजा लिया। संत मनदीप दास ने बताया कि ग्रीस के एक अनुयायी की ओर सोने का निशान भेंट किया गया है। इसे, इस बार जयंती के दिन यानी बुधवार को मंदिर में लगाया जाएगा। इस दौरान ट्रस्टी बाबा हरदेव, केएल सरोवा, निरंजन चीमा आदि रहे।

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Sant Ravidas Jayanti 2025 Sant Niranjan Das and more than one lakh followers reached Varanasi
बेगमपुरा एक्सप्रेस से दो हजार संगत के साथ काशी पहुंचे संत निरंजन दास। - फोटो : अमर उजाला

ट्रेनें निरस्त होने से ट्रक और पिकअप से आ रहे अनुयायी
महाकुंभ की वजह से कई ट्रेनें निरस्त हो गई हैं। ऐसे में पंजाब और हरियाणा से आने वाले श्रद्धालु वाहनों से काशी पहुंच रहे हैं। ट्रक, पिकअप, ट्रैक्टर से गुरु की जयंती में शामिल होने के लिए संगत पहुंच रही है। राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उतराखंड, बिहार, झारखंड आदि राज्यों से संगत ट्रेन और दूसरे साधन से यहां पहुंच रही है।

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