संत रविदास की जन्मस्थली सीरगोवर्धनपुर रविवार को बेगमपुरा में तब्दील हो गई। संत रविदास का 642वें जन्मोत्सव माघ पूर्णिमा पर 19 फरवरी को मनाया जाएगा लेकिन डेरा सचखंड बल्लां के गद्दीनशीन संत निरंजन दास के सीर पहुंचते ही पर्व का चटख रंग और गाढ़ा हो गया। इसके साथ ही पूरे सीर क्षेत्र में श्रद्धा-आस्था का सागर हिलोरें मारने लगा। देखें तस्वीरें आगे की स्लाइड्स में...
जालंधर से 1600 रैदासी भक्तों को लेकर विशेष ट्रेन बेगमपुरा एक्सप्रेस दोपहर 2:15 बजे कैंट रेलवे स्टेशन पहुंची। प्लेटफार्म पर बैंड की धुन पर फूलमालाओं से भक्तों ने उनका स्वागत किया। सेवादारों और साथ आए सुरक्षाकर्मियों ने सुरक्षा घेरे में उन्हें सर्कुलेटिंग एरिया तक पहुंचाया।
सर्कुलेटिंग एरिया में स्वागत सभा के बाद सुसज्जित लक्जरी वाहन में गाड़ियों के काफिले में संत निरंजन दास सीर गोवर्धन पहुंचे। इस दौरान फूलों की बरसात के साथ पूरा इलाका जयकारे से गूंजता रहा। संत निरंजन दास ने मंदिर में मत्था टेका और तैयारियों का जायजा लिया।
शाम तक उत्सव की तैयारियां भी पूरी कर ली र्गईं और मंदिर के साथ ही पूरा क्षेत्र विद्युत झालरों की रोशनी से जगमगा उठा। सोमवार को शाम छह बजे वे नगवां स्थित संत रविदास पार्क में शाम छह बजे दीपदान कर दो दिवसीय उत्सव का शुभारंभ करेंगे। साथ में सतपाल बिरदी, राम प्रकाश, ओमप्रकाश, चमन लाल, निरंजन दास चीमा, तरसेमा लाल, संत लेखराज समेत 108 संतों की टोली भी आई है।
जयंती के उपलक्ष्य में सोमवार को सुबह आठ से 10 बजे तक और सायं छह से आठ बजे तक संतों का सत्संग हुआ। वहीं, दोपहर साढ़े तीन बजे संत निरंजन दास ने मेला क्षेत्र का जायजा लिया और सेवादारों को बख्शीश भी दी। इसी दिन सायं छह बजे से नगवां स्थित संत रविदास पार्क व रविदास घाट पर दीपदान के साथ ही दीपोत्सव मनाया जाएगा।