संकटमोचन के दरबार में अब 16 से 21 अप्रैल 2025 तक संगीत का महाकुंभ फिर से सजेगा। श्रद्धा और हनुमान जी के चरणों में अपनी कला अर्पित करने का भाव ही है कि देश भर के दिग्गज कलाकार इस दौरान खुद को खाली रखते हैं। चाहे कितनी भी बड़ी बुकिंग या आयोजन हो वह इस दौरान कार्यक्रम करने से बचते हैं।
उत्तरवाहिनी गंगा का तट, काशी का पुरातन वैभव, देश और दुनिया के दिग्गज फनकार। जिन्हें सुनना और मिलना आमतौर पर कठिन होता है, उनको सहज भाव से देख लेना और भक्तिपूर्ण माहौल में उनकी कला का निशुल्क आनंद लेना। यह सब संकटमोचन हनुमान जी के दरबार में ही देखने को मिल सकता है। तभी तो देश भर के दिग्गज कलाकार साल भर पहले से ही छह दिनों के लिए खुद को खाली रखते हैं।
यह श्रद्धा ही थी कि पं. हरिप्रसाद चौरसिया का नाम जब लिस्ट में नहीं था तो उन्होंने खुद फोन करके आने की इच्छा जताई और दूसरी निशा में बांसुरीवादन की प्रस्तुति दी।
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मृदंगम की प्रस्तुति देते डॉ. येल्ला वेंकटेश्वर राव।
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महाबली के दरबार में आने के लिए आतुर रहते हैं कलाकार
संकट मोचन मंदिर प्रांगण की यही खासियत है कि वहां दाखिल होते ही हर कोई अपना वैभव भूल जाता है। दरबार में पहुंचते ही कलाकार अपनी सारी कीर्ति एक तरफ छोड़कर अपनी अंजुरी के रस को तिरोहित कर देते हैं। संगीत मार्तंड स्व. पंडित जसराज ने कहा था कि पैसा, पारिश्रमिक और पद अपनी जगह है लेकिन संकटमोचन संगीत समारोह में प्रस्तुति का जो आनंद है वह सारे आकर्षणों से परे है।
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गायन की प्रस्तुति देते ऋषि-श्रवण मिश्रा।
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भजन सम्राट अनूप जलोटा कहते हैं, इस प्रांगण में शामिल होना और परफॉर्म करना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण है किसी कलाकार को सुनना। संकटमोचन संगीत समारोह की तारीखों के दौरान हम लोग खुद को खाली ही रखते हैं क्योंकि यहां आकर खुद को रिचार्ज करने का मौका मिलता है।
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प्रस्तुति देते एस. आकाश।
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मृदंगम वादक पं. येल्ला वेंकटेश्वर राव का कहना है कि संकटमोचन के दरबार में उत्तर और दक्षिण की धाराएं एकाकार होती हैं। साल भर इस आयोजन का इंतजार रहता है। संकटमोचन संगीत समारोह ही अपने-आप में ऐसा है जिसका हिस्सा होना अपने आप में प्रतिष्ठा का सूचक माना जाता है।
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प्रस्तुति देने पहुंचीं कविता कृष्णमूर्ति
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संकटमोचन संगीत समारोह में चौथी बार प्रस्तुति देने पहुंचीं कविता कृष्णमूर्ति
पार्श्व गायिका कविता कृष्णमूर्ति ने कहा कि वह अब भी संगीत में रमी हुई हैं और उसमें बने रहने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा, मैंने अब फिल्मों से लगभग दूरी बना ली है लेकिन भजन का कार्यक्रम करती हूं। वह संकटमोचन संगीत समारोह में चौथी बार शिरकत करने पहुंची थीं।