श्रावण पूर्णिमा पर शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व उल्लास के साथ मनाया गया। इस बार सूर्य और गुरु के उच्च राशि में होने से 27 साल बाद 11 महायोग का संयोग बना। विशिष्ट मुहूर्त सुबह 5:41 से 9:18 बजे तक रहा। उदया तिथि के चलते दिनभर पर्व मान्य रहा। सुबह से रात तक बहनें भाइयों के घर पहुंचीं और उनकी कलाई पर राखी बांधकर लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की।
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राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र को राखी बांधती महिला।
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भाइयों ने भी बहनों को उपहार देकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया। इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहा। इससे लोगों ने सुबह से ही राखी बांधने और पूजा-अनुष्ठान शुरू कर दिए। घरों के साथ मंदिरों में भी पर्व की विशेष रौनक रही। भक्तों ने अपने आराध्य को राखी बांधी और कथा, रुद्राभिषेक समेत अन्य अनुष्ठान किए। राधा-कृष्ण मंदिरों में रक्षाबंधन के साथ बलराम जयंती भी मनाई गई। श्रद्धालुओं ने राधा-कृष्ण के साथ बलराम की पूजा की।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार रक्षाबंधन पर सतभिषा नक्षत्र के साथ अति गंड, शोभन, श्रीवत्स, सौम्य और विजय योग का संयोग रहा। ग्रहों की स्थिति के चलते चंद्राधि, बुधादित्य, राजयोग, धन, उभयचरी, संकट और सुनफा योग भी बने। चंद्रमा कुंभ राशि में, सूर्य अपनी स्वराशि सिंह और गुरु उच्च राशि कर्क में स्थित रहे।
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कांग्रेस नेता अजय राय को राखी बांधने पहुंचीं युवतियां और महिलाएं।
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स्टेशन-बस अड्डों पर रही भीड़ : रक्षाबंधन पर भाई-बहनों के एक-दूसरे के घर आने-जाने का सिलसिला दिनभर चलता रहा। रोडवेज बसों और रेलवे स्टेशन पर सुबह से शाम तक महिलाओं और पुरुषों की भीड़ रही। बस और ट्रेन से भाई-बहन अपने घरों की ओर जाते नजर आए। बाजारों में भी राखी और उपहारों की खरीदारी को लेकर चहल-पहल रही। चौखंभा स्थित षष्ठपीठ गोपाल मंदिर में पीठाधीश्वर गोस्वामी श्याम मनोहर महाराज ने परिवार के साथ ठाकुर जी को राखी बांधी। इसके साथ ही वैष्णवजनों ने रक्षाबंधन का पर्व मनाया।
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विधायक साैरभ श्रीवास्तव ने भी बंधवाई राखी।
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रत्न, स्वर्ण, रजत की राखी बांधी, 700 श्रीफल किए अर्पण : समाधिस्थ परम पूज्य आचार्य विद्यासागर महाराज से दीक्षित एवं आचार्य समय सागर महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि धर्म सागर महाराज और भाव सागर महाराज के सान्निध्य में श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन तीर्थ भेलूपुर में रक्षा बंधन महोत्सव मनाया गया। रत्न, स्वर्ण, रजत की राखी बांधी गई। 700 श्रीफल अर्पण किए गए। देशभर से आए श्रद्धालुओं ने गुरु का आशीष लिया। रक्षाबंधन विधान मांगलिक क्रियाएं हुई। साथ ही श्री श्रेयांशनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव भी मनाया गया।
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जिला कारागार में अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंची महिलाएं।
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जेल में बांधा भाई की कलाई पर रक्षा का धागा
रक्षाबंधन पर्व पर शुक्रवार को केंद्रीय कारागार में जेल की ऊंची दीवारों और सलाखों के बीच भाई-बहन के अटूट रिश्ते की भावनाएं नजर आईं। किसी के हाथ में राखी थी तो कोई भाई के लिए मिठाई लेकर पहुंचा था। मुलाकातियों की भारी भीड़ और उनकी बेसब्री को देखते हुए जेल प्रशासन ने सुबह आठ से शाम पांच बजे तक मुलाकात की व्यवस्था की। मुख्य द्वार के बाहर टेंट, कुर्सी-टेबल और जलपान की व्यवस्था की गई।