बलिया में शहर सहित 700 गांवों में 18 से 26 घंटे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही। बिजली के 115 खंभे उखड़ गए, तीन ट्रांसफार्मरों पर पेड़ गिरने से वह क्षतिग्रस्त हो गए। इससे बिजली निगम का 15 लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ। इस दौरान लोगों ने हर दो मिनट पर बिजली निगम के कंट्रोल रूम में बिजली कटौती की शिकायत की।
तेज हवाओं संग 30.5 मिमी बारिश: बिजली के 115 खंभे हुए धराशायी, तीन ट्रांसफार्मर पर गिरे पेड़; 15 लाख का नुकसान
बलिया में चक्रवाती तूफान के असर से तेज हवाओं के साथ 30.5 मिमी बारिश हुई। शहर समेत 700 गांवों में 26 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। बिजली निगम के 115 खंभे गिर गए, जबकि तीन ट्रांसफार्मर पर पेड़ गिरने से नुकसान हुआ। निगम के अनुसार, तूफान से करीब 15 लाख रुपये की क्षति हुई है।
ग्रामीण इलाकों में स्थिति अधिक गंभीर रही, जहां बिजली बहाल होने में लंबा समय लगा। विद्युत विभाग की टीमें पेड़ों को हटाने और बिजली बहाल करने में जुटी रहीं। शहर क्षेत्र में आठ जगह पेड़ गिरने से लगभग 6 खंभे टूटकर गिरने से सप्लाई व्यवस्था चरमरा गई। शहर के जीजीआईसी के सामने, परमंदापुर, जीराबस्ती, माल्देपुर समेत अन्य जगहों पर पेड़ उखड़ गए।
कलेक्ट्रेट के गेट नंबर दो से जाने वाले मार्ग पर पेड़ की डाली गिरने से लोगों को काफी परेशानी हुई। इस दौरान 30.5 मिमी (मिलीमीटर) बारिश दर्ज किया गया। विद्युत कटौती का असर आम जनता संग कल कारखानों पर भी पड़ा। पानी तक का संकट खड़ा हो गया था। हालांकि शहर क्षेत्र के कुछ इलाकों में विद्युत सप्लाई बहाल कर दी गई थी।
रतसर कस्बे के भगवती देवी इंटर कॉलेज, नूरपुर मोड़ और झिगुरी चट्टी सहित कई स्थानों पर पेड़ और विद्युत पोल गिरने से बिजली की आपूर्ति ठप पड़ी है। शनिवार को पूरे दिन बिजली बहाली के लिए संबंधित विद्युतकर्मी स्थानीय लोगों के सहयोग से सड़क पर गिरे पेड़ों तथा विद्युत पोल को हटाने के कार्य में जुटे रहे। विद्युत उपकेंद्र के एसएसओ राजेंद्र ने बताया कि भारी बारिश के चलते मुख्य लाइन सहित कुछ अन्य स्थानों पर विद्युत खंभे गिर गए हैं।
नगरा और इंदरपुर क्षेत्र में बारिश से दर्जनों पेड़ उखड़ गए, कई घरों के टिनशेड उड़ गए और जगह-जगह पेड़ विद्युत तारों पर गिर गए, जिससे विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। एकइल फीडर से जुड़े ढेंकवारी गांव में दो बड़े यूकेलिप्टस के पेड़ 11 हजार केवीए की हाईटेंशन लाइन पर गिर गए, जिससे तार टूट गए। इससे कल रात से ही पूरे फीडर की आपूर्ति ठप है। वहीं कोठियां के पास भी एक पेड़ तार पर गिर गया और लहसनी गांव में टावर के पास लगा 10 केवीए का ट्रांसफाॅर्मर पोल सहित गिर गया।
पूर में 200 गांवों की विद्युत आपूर्ति बाधित है। गौरा मदनपुरा विद्युत केंद्र के अवर अभियंता मनोज कुमार यादव ने बताया कि तेज हवा के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित हो रही है। वहीं, पहराजपुर फीडर की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है।
नरही में विद्युत उपकेंद्र कैथवली से जुड़े 29 गांवों की बिजली 35 घंटे से गुल है। विद्युत उपकेंद्र कैथवली से जुड़े 29 गांवों में बृहस्पतिवार की रात से बिजली आपूर्ति बाधित है। अवर अभियंता उमेश पाल ने बताया कि 33/11 में फाॅल्ट आने से बिजली आपूर्ति ठप हैं।
बसंतपुर विद्युत उपकेंद्र से 40 गांवों की बिजली 45 घंटे से ठप है। तीन लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित है। उधर, जयप्रकाश नगर में लोकधाम ठेकहां और जयप्रकाश नगर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े दर्जनों गांवों की बिजली आपूर्ति करीब 50 घंटे से ठप है। विद्युत उपकेंद्र सोनवानी से जुड़े करीब 100 गांवों में लगभग तीन दिनों से बिजली गुल है।
पचखोरा चौराहे पर गिरे दो पेड़, तीन दुकानें क्षतिग्रस्त
पचखोरा चौराहे पर एक के बाद एक दो विशाल पेड़ सड़क पर गिर गए। इससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। पेड़ों की चपेट में आने से आसपास की तीन दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। सुखपुरा पुलिस ने पेड़ कटवाकर किसी तरह आवागमन शुरू कराया। पेड़ की भारी टहनी बिजली के तार पर गिरने से विद्युत पोल का ऊपरी हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। रतसर पूर्वी फीडर से जुड़े 30 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति बंद है।
भीमपुरा में इब्राहिमपट्टी-किडिहरापुर मार्ग स्थित लखनसिंहा चट्टी पर नीलम गुप्ता घर पर एक विशालकाय लिप्टस का पेड़ गिर गया। पेड़ की चपेट में सड़क किनारे से गुजर रहा हाईटेंशन विद्युत तार भी आ गया। वही लखनसिंहा शराब भट्ठी के पास लिप्टस का पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे आवागमन तीन घंटे तक बाधित रहा।
मौके पर पहुंचे विभागीय कर्मचारियों ने द्वारा पेड़ को काटकर हटाया गया जिसके बाद आवागमन शुरू हुआ। नरही नरही बाजार में एनएच 31 के बगल में पुराना नीम का पेड़ था शुक्रवार की रात पूर्व माध्यमिक विद्यालय के बाउंड्रीवॉल पर गिर गया। पेड़ गिरने से सीताराम, सुभाष कन्नौजिया, लक्ष्मण प्रसाद की गुमटियां क्षतिग्रस्त हो गईं।