'एक आह भरी होगी, हमने ना सुनी होगी, जाते-जाते तुमने आवाज तो दी होगी...' इस बात का गम है पुलवामा के आत्मघाती हमले में शहीद हुए चंदौली के अवधेश यादव की पत्नी को। जब से उन्हें पता चला है कि उनका सुहाग भारत माता के चरणों में अपनी शहादत दे चुका है। अवधेश के घर के बाहर खड़ा हर शख्स रो रहा है। देखें तस्वीरें आगे की स्लाइड्स में...
पुलवामा में आत्मघाती हमले में चंदौली के पड़ाव क्षेत्र के बहादुरपुर गांव का बहादुर शेर अवधेश यादव देश की सुरक्षा के लिए कुर्बान हो गया। सीआरपीएफ जवान अवधेश की शहादत के बारे में जानकारी होते ही ग्रामीण उनके घर पहुंचने लगे थे। लोग आपस में बातें कर रहे है कि अवधेश की मां को क्या बताएंगे? उनपर क्या बीतेगी?
3 of 6
awdesh yadav
- फोटो : amar ujala
शहीद अवधेश की मां मालती देवी कैंसर से पीड़ित है। जब उन्हें पता चला कि जम्मू के पुलवामा में आतंकी हमला हो गया है तो वो पूछने लगी कि दीपू कैसा है? उनका मन घबराने लगा था। घर पहुंचे लोगों से मां की पथराई आंखें यही पूछ रही थीं।
वहीं, पत्नी शिल्पी यादव पुत्र निखिल को बार-बार देखती और रो-रो कर बेहोश होती जा रही थी। शिल्पी का कहना था कि तीन दिन पूर्व ही वे जल्द ही लौटने का वादा करके ड्यूटी पर गए थे। हमें विश्वास नहीं हो रहा है कि वे शहीद हो गए हैं।
5 of 6
awdesh yadav
- फोटो : amar ujala
वहीं बार-बार रो रहे बूढ़े पिता हरिकेश यादव को ग्राम प्रधान श्रीवाश्रय यादव, पूर्व प्रधान विरेंद्र यादव और अन्य ग्रामीण उन्हें संभालने में लगे थे। कहा कि बेटा देश की आन बान और शान के लिए शहीद हुआ है। उसकी शहादत सरकार को जाया नहीं जाने देनी चाहिए। सरकार को सभी शहीद बेटों का बदला पाकिस्तान से लेना चाहिए।