पश्चिमी यूपी से शुरु हुई चुनावी बयार अब पूर्वांचल तक पहुंच गई है। वाराणसी, बलिया, आजमगढ़ समेत पूर्वांचल के 10 जिलों की 61 सीटों के लिए नामांकन शुरु हो गया है। आजमगढ़ मंडल की 21 सीटों पर जहां सात फरवरी से नामांकन हो रहा है वहीं वाराणसी और मिर्जापुर मंडल की 40 सीटों पर आज से नामांकन शुरु हुआ। सूबे की इन 61 सीटों पर बाहुबलियों की भूमिका काफी अहम होगी। आगे की स्लाइड में जानें बाहुबलियों का इतिहास और उनकी रणनीति-
छठें और सातवें चरण में होगी पूर्वांचल के बाहुबलियों की अग्नि परीक्षा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश में बाहुबली राजनेताओं की बात हो तो मुख्तार अंसारी का नाम सबसे ऊपर है। उनके खिलाफ, हत्या, अपहरण, फिरौती सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। मुख्तार अंसारी का जन्म यूपी के गाजीपुर जिले में ही हुआ था। उनके दादा मुख्तार अहमद अंसारी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे। जबकि उनके पिता एक कम्यूनिस्ट नेता थे।
राजनीति मुख्तार अंसारी को विरासत में मिली। उन्होंने छात्र राजनीति में कदम रखा और सियासी राह पर चल पड़े। 1988 में पहली बार हत्या के एक मामले में उनका नाम आया था। पूर्वांचल के मऊ, गाजीपुर, वाराणसी और जौनपुर में उनका काफी प्रभाव है। मुख्तार अंसारी पर आरोप है कि वो गाजीपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सैकड़ों करोड़ रुपए के सरकारी ठेके नियंत्रित करते हैं।
सपा से संबंधों में खटास के बाद मुख्तार ने अपनी पार्टी कौमी एकता दल का बसपा में विलय कर दिया है। वह बसपा के टिकट पर मऊ सदर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। उनका बेटा अब्बास अंसारी घोषी और इनके भाई सिगबतुल्ला अंसारी गाजीपुर के मोहम्मदाबाद सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। मुख्तार की रणनीति दलितों और अल्पसंख्यकों के वोटों के बल पर जीत हासिल करना है।
जरायम की दुनिया में कभी खासी दखल रखने वाला मुन्ना बजरंगी इस बार सियासी गलियारों की चर्चाओं से कई दिनों तक दूर रहे। इनकी पत्नी सीमा सिंह मड़ियाहूं चुनाव लड़ेगी लेकिन अभी किस पार्टी से लड़ेंगी, ये तय नहीं है। माना जा रहा है कि अपना दल कृष्णा पटेल गुट से मुन्ना की पत्नी को टिकट मिल सकता है। मुन्ना बजरंगी पूर्वांचल का डॉन है। मुन्ना बजरंगी गाजीपुर के भाजपा नेता कृष्णानंद राय की हत्या का मुख्य अभियुक्त है। वह अभी झांसी जेल में बंद है। पिछली बार खुद मुन्ना बजरंगी ने मड़ियाहूं से चुनाव लड़ा था।