अंडरवर्ल्ड डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या हुए भले ही एक साल होने वाला है, लेकिन उसके कनेक्शन और अपराध अभी तक उजागर हो रहे हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर पुलिस ने मुन्ना बजरंगी के एक शार्प शूटर को रविवार को गिरफ्तार किया। मुन्ना बजरंगी का शार्प शूटर वाराणसी जिला जेल के डिप्टी जेलर अनिल त्यागी की हत्या के मामले में पकड़ा गया है। जानिए आखिर क्यों मुन्ना ने डिप्टी जेलर अनिल त्यागी की हत्या कराई थी? पढ़ें आगे की स्लाइड्स में...
2 of 6
पकड़ा गया मुन्ना बजरंगी का शार्प शूटर
- फोटो : अमर उजाला
मिर्जापुर के पुलिस अधीक्षक अवधेश पांडेय ने बताया कि सीओ सदर संजय सिंह के नेतृत्व में टीम रविवार की शाम चेकिंग कर रही थी। इस दौरान सूचना मिली कि मुन्ना बजरंगी गैंग का शार्प शूटर बाइक से कहीं जा रहा है। इसके बाद पुलिस ने घेरेबंदी कर खम्हरिया लिंक रोड पटेहरा तिराहे के पास से अमजद उर्फ पिंटू उर्फ डॉक्टर उर्फ अंगद उर्फ हफीजुल्ला निवासी रामसहायपुर थाना भदोही को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उस पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।
एसपी अवधेश पांडेय ने बताया कि 2014 में अहरौरा में हुए गैंगवार में कल्लू पांडेय, सूरज सिंह, राजेश चौधरी की अमजद ने गोली मारकर हत्या की थी। इससे पहले कटरा कोतवाली क्षेत्र के गणेशगंज में 2013 में स्वर्ण व्यवसायी मुन्ना सोनी की हत्या कर चांदी लूट ली थी। 2013 में ही उसने कैंट, वाराणसी में जिला जेल के डिप्टी जेलर अनिल त्यागी की गोली मारकर दिनदहाड़े हत्या कर दी थी। उसके बाद से यह मुन्ना बजरंगी का खास हो गया था। जेल से छूटने के बाद कुछ दिनों से वह कटरा कोतवाली की बड़ी बसही स्थित ससुराल में किराए का मकान लेकर पत्नी के साथ रह रहा था। बरामद बाइक उसने रोहनिया और लंका वाराणसी से चुराई थी।
वाराणसी जिला जेल से अपराध जगत में अपनी हुकूमत न चला पाने और डिप्टी जेलर अनिल त्यागी की सख्ती से आजिज आकर उनकी हत्या अपने गुर्गों से बागपत जेल में मारे गए मुन्ना बजरंगी ने कराई थी। प्रकरण को लेकर दो साल पहले एसटीएफ ने मुन्ना बजरंगी के शूटर अंबेडकरनगर के अमन सिंह, सुल्तानपुर के कुर्बान अली उर्फ सोनू, प्रतापगढ़ के सागर सिंह उर्फ शीबू और बलिया के रोहित सिंह उर्फ चंदन सिंह उर्फ चिंटू को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। रविवार की रात मिर्जापुर के पटेहरा से गिरफ्तार भदोही के रामसहायपुर का अमजद के खिलाफ मिर्जापुर के अहरौरा, कटरा कोतवाली और वाराणसी के कैंट थाने में हत्या सहित अन्य आरोपों में 17 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
एसटीएफ द्वारा 2017 में किए गए खुलासे के अनुसार जिला जेल में बंद रहने के दौरान डिप्टी जेलर की सख्ती से मुन्ना बजरंगी सहित अन्य बदमाश खासे परेशान रहते थे। मुन्ना बजरंगी ने एकाध बार डिप्टी जेलर को अर्दब में लेने की कोशिश भी की थी लेकिन उसका दांव उलटा पड़ गया था और जेल में उसकी पिटाई भी हुई थी।