उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर की सांसद व अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में मंत्री बनीं हैं। बुधवार को उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री पद का शपथ ग्रहण किया। इससे पहले मिर्जापुर की सांसद 2014 में भी मोदी कैबिनेट में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री रह चुकी हैं। 2019 में जब फिर से मोदी सरकार बनी तो उन्हें कैबिनेट में जगह नहीं मिली थी। अब मोदी सरकार 2.0 के पहले कैबिनेट विस्तार में अनुप्रिया पटेल को केंद्रीय मंत्री बनाया गया है।
इस पूरे मामले को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। अनुप्रिया पटेल के मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने के कयास तभी से लग रहे थे जब पिछले महीने उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। 28 अप्रैल 1981 को पैदा हुईं अनुप्रिया ने उन्होंने कानपुर के छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय से एमबीए की डिग्री ली है। वे 2012 में उत्तर प्रदेश विधानसभा की सदस्य भी रह चुकी हैं।
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अमित शाह के साथ अनुप्रिया पटेल
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अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने राजनीतिक करियर की शुरुआत वर्ष 2012 के चुनाव से वाराणसी के रोहनिया विधानसभा से किया। यहां उन्होंने साल 2012 के विधानसभा चुनाव में पीस पार्टी आफ इंडिया और बुंदेलखंड कांग्रेस के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा। रोहनिया से वह विधानसभा सदस्य के रूप में चुनी गईं। इसके बाद राजनैतिक सफर निरंतर आगे बढ़ता चला गया।
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अनुप्रिया पटेल
- फोटो : अमर उजाला
अनुप्रिया पटेल को राजनीति विरासत में मिली है। उनके पिता सोनेलाल पटेल यूपी की सियासत में अपनी अलग पहचान और दबदबा रखते थे। सोनेलाल पटेल बसपा के संस्थापकों में से एक माने जाते हैं। बाद में वह बसपा से अलग हो गए और अन्य पिछड़ा वर्ग को केंद्रित कर अपना दल का गठन किया। सोनेलाल पटेल ने 1955 में 'अपना दल' की स्थापना की। पटेल की 2009 में एक हादसे में मौत हो गई। इसके बाद अनुप्रिया ने पार्टी में कदम रखा और राष्ट्रीय महासचिव बन गईं।
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अनुप्रिया पटेल
- फोटो : amar ujala
अनुप्रिया को सांसदी मिली तो रोहनिया विधानसभा की सीट खाली हो गई थी। इस सीट पर उपचुनाव हुए अनुप्रिया की मां खुद रोहनिया से चुनाव लड़ीं। हालांकि, अनुप्रिया चाहती थीं कि उनके पति आशीष सिंह पार्टी के उम्मीदवार बनें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसी के बाद से परिवार में तनाव पैदा हो गया। ये तनाव इतना बढ़ा कि अनुप्रिया और मां कृष्णा पटेल पार्टी के अध्यक्ष पद पर अपना-अपना दावा करने लगीं। अनुप्रिया की मां कृष्णा पटेल चुनाव हार गईं और हार के कुछ समय बाद ही अनुप्रिया पटेल और उनके सहयोगियों को पार्टी से बाहर निकाल दिया।
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अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल व अन्य।
- फोटो : amar ujala
साल 2016 में अनुप्रिया ने अपनी अलग पार्टी अपना दल (सोनेलाल) का गठन किया। हालांकि, वह पार्टी की अध्यक्ष 2018 में बन सकीं। उधर, अनुप्रिया पटेल और उनकी मां पार्टी पर अधिकार को लेकर हाईकोर्ट भी पहुंचे. अभी ये मामला कोर्ट में विचाराधीन है।