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वाराणसी में 361 परिवारों का पलायन: वरुणा खतरे के निशान से ऊपर, सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न; बढ़ रही गंगा

Tue, 01 Sep 2026 05:52 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Tue, 01 Sep 2026 05:52 AM IST
सार

गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से महज 11 सेंटीमीटर दूर पहुंच गया है, जबकि वरुणा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। सामनेघाट, पुलकोहना, सलारपुर समेत 10 से अधिक इलाकों से 361 परिवार पलायन कर चुके हैं। सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न है। धौरहरा-बेला मार्ग का संपर्क टूट गया है। कई परिवार दो सप्ताह से राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।

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Migration of 361 families in Varanasi Varuna above danger mark hundreds of acres of crops submerged
मर्णिकणिका घाट पर शव यात्रियों को हो रही दिक्कत। - फोटो : अमर उजाला

काशी में गंगा और वरुणा का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। सोमवार रात नौ बजे तक गंगा का जलस्तर 70.15 मीटर पहुंच गया, जो चेतावनी बिंदु से महज 11 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं, वरुणा नदी खतरे के निशान 70.21 मीटर से बढ़कर 70.95 मीटर पर पहुंच गया है। 



Migration of 361 families in Varanasi Varuna above danger mark hundreds of acres of crops submerged
नमो घाट पर खतरे के निशान के पास पहुंचा गंगा की बाढ़ का पानी। - फोटो : संवाद

केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार दोनों नदियों का जलस्तर 12 घंटे में करीब 20 से 30 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने से सामनेघाट, पुलकोहना, सलारपुर समेत 10 से अधिक तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इन क्षेत्रों के 361 परिवार के 1574 लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन किया। कई परिवार पिछले दो सप्ताह से बाढ़ राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।

Migration of 361 families in Varanasi Varuna above danger mark hundreds of acres of crops submerged
नमो घाट पर गंगा का बढ़ा हुआ जलस्तर। - फोटो : संवाद

गंगा के उफान के कारण काशी के सभी प्रमुख घाट पानी में डूब गए हैं। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर जलस्तर बढ़ने के कारण शवदाह छत और गलियों में किया जा रहा है। पुराने अस्सी घाट की गलियों तक पानी पहुंच गया है। उधर, वरुणा का पानी तेजी से तटवर्ती इलाकों में फैल रहा है। पुलकोहना और सलारपुर में स्थिति अधिक गंभीर है। कई परिवारों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर बाढ़ राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है।

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Migration of 361 families in Varanasi Varuna above danger mark hundreds of acres of crops submerged
गंगा और बोट पर लगी पाबंदी। - फोटो : संवाद

राहत शिविरों में भोजन और स्वास्थ्य की व्यवस्था
जिला प्रशासन के अनुसार गंगा और वरुणा के तटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों के लिए आवासीय व्यवस्था की गई है। उन्हें दिन में तीन बार स्वच्छ और ताजा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। 

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मणिकर्णिका घाट पर छत पर जल रहीं लाशें। - फोटो : संवाद

बच्चों और बुजुर्गों की जरूरतों को देखते हुए आवश्यकतानुसार दूध और केला भी दिया जा रहा है। एनडीआरएफ, जल पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के बीच लगातार समन्वय किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर नाव, बचाव उपकरण, मानव संसाधन और अन्य संसाधनों को तत्काल इस्तेमाल के लिए तैयार रखा गया है।

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