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काशी विश्वनाथ मंदिर में आज मनाई जा रही महाशिवरात्रि, जानिए क्या है निशीथ काल का शुभ मुर्हूत
आलोक कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 13 Feb 2018 12:00 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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धर्मनगरी काशी में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पर्व महाशिवरात्रि आज मनाया जा रहा है। दरअसल, महाशिवरात्रि की तिथि पर इस बार विद्वानों के साथ ही पंचांग में संशय की स्थिति को देखते हुए काशी विद्वत परिषद और बीएचयू के ज्योतिष विभाग का संयुक्त रूप से यह निर्णय है। आगे की स्लाइड्स में जानें...
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- फोटो : amarujala
ज्योतिष विभाग की गणना के अनुसार, निशीथ काल का समय कल के बजाय आज ही मिल रहा है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भी महाशिवरात्रि आज ही मनाई जा रही है। बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में महाशिवरात्रि बेहद खास अंदाज में मनाई जाती है।
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दर्शन-पूजन और जलाभिषेक के साथ ही कई स्थानों से शिव बारात निकलती है। समूचा शहर बाराती बन इस उत्सव में शामिल होता है। इस बार महाशिवरात्रि की तिथि पर विद्वानों और पंचांग में संशय की स्थिति को देखते हुए बीएचयू के ज्योतिष विभाग ने बैठक की।
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Mahashivratri 2018
ज्योतिष विभाग के प्रो. विनय कुमार पांडेय ने बताया कि फाल्गुन कृष्णपक्ष की चतुर्दशी शिवरात्रि होती है। ईशान संहिता में वर्णित है कि ‘फाल्गुनकृष्णचर्तुदश्याम् आदि देवो महानिशि। शिवलिंगतयोद्भुत: कोटिसूर्यसमप्रभ:। तत्कालव्यापिनी ग्राह्या शिवरात्रिव्रते तिथि:।’ अर्थात फाल्गुन चतुर्दशी की मध्यरात्रि में आदिदेव भगवान शिव लिंगरूप में अमिटप्रभा के साथ उद्भूत हुए। इसलिए अर्धरात्रि से युक्त चतुर्दशी ही शिवरात्रि व्रत में मान्य है।
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बाबा विश्वनाथ मंदिर
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ज्योतिष संकाय प्रमुख प्रो. चंद्रमा पांडेय की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान तय किया गया कि धर्मशास्त्रीय वचन के अनुसार आज चतुर्दशी का आरंभ रात्रि 10:22 बजे हो रहा है। इसकी समाप्ति कल रात्रि 12:17 मिनट पर हो रही है।