यूपी पर फोकस करने के लिए कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की 41 लोकसभा सीटों की प्रभारी प्रियंका गांधी ने ‘गंगा यात्रा’ की थी। जिसके जरिए पूर्वांचल को चुनाव से पहले ही समझ लिया था लेकिन उम्मीदवार नहीं तलाश पाईं। छठे और सातवें चरण में मतदान वाली कई सीटों पर कांग्रेस दूसरे दलों के चेहरों के सहारे है। पढ़ें आगे की स्लाइड्स में...
2 of 7
नरेंद्र मोदी और अजय राय (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
यही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुकाबले के लिए वाराणसी में 'अपर हैंड' के बावजूद न तो खुद चुनाव लड़ीं और न ही विपक्ष का साझा प्रत्याशी उतारने में कामयाब हुईं। यहां से पुराने उम्मीदवार अजय राय को ही दोबारा चुनाव लड़ाने का फैसला अंतिम दौर में तब किया गया, जब उन्हें घर में नजरबंद करने के लिए 'पीला कार्ड' जारी हो चुका था।
हालांकि कांग्रेस ने बसपा के पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के साथ चुनाव से पूर्व गठबंधन किया था लेकिन अपने यहां जिताऊ प्रत्याशी न मिलने पर गाजीपुर और चंदौली सीट जन अधिकार पार्टी को दे दी। इस बार चंदौली से कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी और कुशवाहा की पत्नी शिवकन्या 2014 में गाजीपुर से सपा की प्रत्याशी थीं। मनोज सिन्हा से उनका कड़ा मुकाबला हुआ था। शिवकन्या को 2 लाख 74 हजार 477 वोट मिले थे। सिन्हा उनसे 32 हजार 452 वोट ज्यादा पाकर जीते थे।
4 of 7
जन अधिकार पार्टी के प्रत्याशी अजीत प्रताप कुशवाहा
उधर, गाजीपुर से जन अधिकार पार्टी के प्रत्याशी अजीत प्रताप कुशवाहा को चुनाव लड़ने का अनुभव कम है। हालांकि कुशवाहा बिरादरी में अच्छी पैठ और मजबूत पकड़ की वजह से उनकी दावेदारी को मजबूत बताया जा रहा है। वहीं बलिया और मछलीशहर लोकसभा सीट पर नामांकन के आखिरी दिन ही पता चला कि यह सीटें कांग्रेस ने जन अधिकार पार्टी के लिए छोड़ दी हैं। बलिया से घोषित प्रत्याशी अमरजीत यादव का नामांकन रद हो गया है। अब यहां कांग्रेस गठबंधन का प्रत्याशी ही नहीं है।
5 of 7
रमाकांत यादव
- फोटो : अमर उजाला
लापरवाही का आलम यह कि बलिया से आवेदक महिला कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारी पूनम पांडेय का बतौर डमी प्रत्याशी भी नामांकन नहीं कराया। मछलीशहर के प्रत्याशी डॉ. अमरनाथ पासवान बिल्कुल नए चेहरे हैं। इस सीट पर कांग्रेस से पूर्व विधायक मेवालाल दावेदारी कर रहे थे। वहीं भदोही से प्रत्याशी घोषित रमाकांत यादव और घोसी से बालकृष्ण चौहान दलबदलू हैं। आजमगढ़ को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के समर्थन के नाम पर छोड़ दिया गया है।