प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी से चुनाव लड़ने के बाद से पिछले पांच सालों में काशी राजनीति का केंद्र बन गई है। लोकसभा चुनाव 2019 में बनारस की चाय की तरह ही सियासत भी गर्म हो गई है। वाराणसी में पांच प्रत्याशियों के नाम वापस लेने के बाद इस लोकसभा सीट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत 26 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। पढ़ें आगे की स्लाइड्स में...
किसी को लूडो तो किसी को मिला चिमटा, बैलेट यूनिट पर 27वें नंबर पर होगा नोटा का बटन
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नाम वापसी के बाद प्रत्याशियों को प्रतीक चिह्न आवंटित किए गए। जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र सिंह के अनुसार, किसी प्रत्याशी को लूडो तो किसी को केतली और चिमटा चुनाव चिह्न दिया गया है।
जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, बैलेट यूनिट पर पहले मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय पार्टियों के प्रत्याशी होंगे। दूसरे नंबर पर रजिस्ट्रीकृत राजनीतिक दलों के प्रत्याशी होंगे। तीसरे नंबर अन्य निर्दलीय प्रत्याशी होंगे। इन सभी प्रत्याशियों के नाम अ, आ, इ, ई से ज्ञ तक के आधार पर होंगे। जिनका नाम अ से शुरू होगा, वह पहले नंबर और इसके बाद आ, इ ई नाम वाले प्रत्याशी के नाम बैलेट यूनिट पर होंगे। नोटा का बटन 27वें नंबर पर होगा।
मतदान कर्मियों को पोस्टल बैलेट चार मई से :
संसदीय क्षेत्र वाराणसी, चंदौली और मछलीशहर में मतदान ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को पोस्टल बैलेट 4 से 9 मई के बीच दिए जाएंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र सिंह के अनुसार, ट्रेड फैसिलिटी सेंटर बड़ा लालपुर में सुबह 9 से 12:30 और 1:30 से 5 बजे तक विधानसभावार पोस्टल बैलेट दिए जांएगे।