काशीवासियोें के लिए बड़ी खुशखबरी। स्वच्छता के मामले में बनारस सूबे का अव्वल शहर बन गया है। स्वच्छ शहरों के लिए कराए गए स्वच्छता सर्वे की रिपोर्ट गुरुवार को केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से जारी कर दी गई। बनारस प्रदेश में पहले स्थान पर जबकि देश में 32वें पायदान पर है। आगे की स्लाइड्स में जानिए वो बड़े कारण जिससे बनारस बना नंबर वन
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rahul gandhi akhilesh varanasi
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि यह स्वच्छता सर्वे देशभर के पांच सौ शहरों में कराया गया था। इसमें सूबे का कोई शहर बनारस के आसपास भी सफाई में नहीं टिकते। तीन से पांच फरवरी के बीच क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया की टीम ने सफाई का सर्वे किया था। वर्ष 2014 में पहली बार हुए सर्वे में बनारस 418वें, दूसरी बार वर्ष 2015 में 100 शहरों में 69वें जबकि इस साल के सर्वे में 32वां स्थान मिला है।
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rahul gandhi akhilesh varanasi
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पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र बनारस इस स्वच्छता सर्वे में प्रदेश में ऐसे ही अव्वल नहीं आया है। इसके पीछे एक साल काफी मेहनत किया गया। सर्वे में दो हजार अंक के सर्वे में बनारस को 1515 अंक मिले हैं। जबकि पिछली बार के सर्वे में 839 अंक ही मिले थे। इस बार के सर्वे में प्रदेश की राजधानी लखनऊ और अलीगढ़ जैसे शहर काफी पीछे छूट गए हैं। सर्वे की रिपोर्ट में अलीगढ़ 145वें और लखनऊ 269वें स्थान पर है।
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दिल्ली से निर्देशित स्थान पर पहुंचते रहे टीम के सदस्य
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शहर की सफाई व्यवस्था पर नगर निगम को केंद्र और सीएसआर के तहत 30 करोड़ से अधिक रुपये दिए गए और खर्च किया गया। बनारस को 69वें स्थान से 32वें स्थान पर आने और इसे कवर करने के लिए मेयर राम गोपाल मोहले और नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही को दिल्ली में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय वेंकैया नायडू ने गांधी जी प्रतिमा देकर सम्मानित किया।
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काशी
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नगर निगम की जो तैयारी थी उससे अधिकारी और कर्मचारी आश्वस्त थे कि काशी को स्वच्छता सर्वे में टाप-20 में स्थान मिलेगा। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अधिकारियों और कर्मचारियों का मानना है कि पहले से शहर की सफाई व्यवस्था बहुत अच्छी नहीं थे। कचरा निस्तारण, कूड़ा कलेक्शन जैसी सुविधाएं नए सिरे से करना पड़ा। इसके चलते कुछ कमियां रह गई थी।